कोलकाता.
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलायी है. यह बैठक राज्य सचिवालय नबान्न में आयोजित होगी. महज 10 दिनों के भीतर यह दूसरी कैबिनेट बैठक है. इससे पहले 17 फरवरी को कैबिनेट की बैठक हुई थी. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चुनाव की घोषणा से पहले यह कैबिनेट की अंतिम बैठक हो सकती है. नबान्न सूत्रों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है. विशेष रूप से नियुक्ति और निवेश से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय हो सकता है. इसके अलावा, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने और नये पद सृजित करने के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक, चुनाव पूर्व प्रशासनिक और विकासात्मक निर्णयों को अंतिम रूप देने के लिहाज से यह बैठक निर्णायक साबित हो सकती है.पीएम मोदी के पत्र पर तृणमूल का पलटवारराज्य में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यवासियों को लिखे गये पत्र को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. तृणमूल कांग्रेस ने इस पत्र को चुनावी रणनीति का हिस्सा बताते हुए भाजपा पर धार्मिक भावनाओं को भुनाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है. प्रधानमंत्री ने अपने पत्र की शुरुआत ‘जय मां काली’ के उल्लेख से करते हुए राज्य में कथित भ्रष्टाचार और कुप्रशासन का मुद्दा उठाया है. इस पर तृणमूल नेताओं का कहना है कि भाजपा चुनाव से ठीक पहले धार्मिक प्रतीकों और महापुरुषों के नाम का उपयोग कर भावनात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है.
तृणमूल का आरोप है कि केंद्र सरकार ने राज्य को विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत बकाया राशि नहीं दी, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं. पार्टी का कहना है कि ऐसे में प्रधानमंत्री का पत्र वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है. पार्टी ने दावा किया है कि राज्य की जनता विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं के आधार पर निर्णय लेगी, न कि चुनावी पत्रों या नारों के आधार पर.