पुणे में प्रवासी बंगाली मजदूर की मौत की जांच हो

महाराष्ट्र के पुणे में एक बंगाली प्रवासी मजदूर दीपू दास की मौत की घटना की तृणमूल कांग्रेस ने त्वरित, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.

तृणमूल कांग्रेस की मांग

कोलकाता. महाराष्ट्र के पुणे में एक बंगाली प्रवासी मजदूर दीपू दास की मौत की घटना की तृणमूल कांग्रेस ने त्वरित, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. दास जलपाईगुड़ी के राजगंज का निवासी था. गत मंगलवार को उसके परिवार को उसकी मौत के बारे में पता चला था. पुणे से खबर आयी थी कि काम करने के दौरान छत से गिरकर उसकी मौत हो गयी. हालांकि, दास के परिजनों ने उसकी हत्या करने की आशंका जतायी है. तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि “क्या अब बंगाली बोलना ही विदेशी होने का ठप्पा लगाने का आधार बन सकता है? क्या बांग्ला बोलना एक तरह से उत्पीड़न, हिंसा और यहां तक कि मौत भी न्योता देने जैसा होगा? पुणे में एक और विचलित करने वाली घटना हुई है, जहां राजगंज निवासी बंगाली भाषी युवक दीपू दास की बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है. शव के जख्मों से स्पष्ट रूप से पता चला है कि उसके साथ अत्यधिक क्रूरता की गयी थी. भाजपा शासित राज्यों में ऐसी कई भयावह घटनाएं हुईं.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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