कोलकाता
. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर दवा वितरण में घोटाले का आरोप लगाया है. शनिवार को विपक्ष के नेता ने सोशल ब्लॉगिंग साइट एक्स के माध्यम से यह खुलासा किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार के चिकित्सा सेवा निदेशालय के तहत केंद्रीय मेडिकल स्टोर ने मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के एमएसवीपी और जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें सूचित किया गया है कि फार्मा इम्पेक्स लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड एसएमआइएस के माध्यम से कई सीएटी वस्तुओं की आपूर्तिकर्ता है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर कहा है कि फार्मा इम्पेक्स लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड से एसएमआइएस के माध्यम से खरीदे गये आइटम का उपयोग नहीं किया जा सकता, भले ही अस्पतालों में इसका स्टॉक में उपलब्ध हो. इसके साथ ही राज्य सरकार ने सभी मौजूदा स्टॉक को अगले आदेश तक वार्डों/अस्पतालों से वापस लेने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार के इस पहल पर अधिकारी ने दावा किया कि यह एक और दवा घोटाला है, क्योंकि पूरा मामला गुपचुप तरीके से किया गया है और गोपनीयता बरती गयी है. उन्होंने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत और स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम से जानकारी मांगी है. उन्होंने कहा कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य का मामला है और फार्मा इम्पेक्स लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड को सभी श्रेणियों की दवाओं के विनिर्माण गतिविधियों को क्यों रोकने के लिए कहा गया है, यह जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध करायी जानी चाहिए. अधिकारी ने कहा कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार की चुप्पी किसी गहरी साजिश की ओर इशारा कर रही है. पूरे मामले में स्पष्ट चुप्पी एक साजिश की तरह लगती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
