मुर्शिदाबाद के पीड़ितों ने मीडिया को सुनायी आपबीती

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्य भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया, जहां मुर्शिदाबाद हिंसा के पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनायी.

संवाददाता, कोलकाता

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बुधवार को राज्य भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया, जहां मुर्शिदाबाद हिंसा के पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनायी. इन प्रभावित लोगों, जिनमें से अधिकांश गरीब सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाएं थीं. पीड़ितों ने बताया कि शुक्रवार को जब भीड़ उनके शमशेरगंज क्षेत्र के बेदबोना गांव में पहुंची, तो उन्हें अपना सामान छोड़कर भागना पड़ा और पास के जंगल में शरण लेनी पड़ी.

दंगा प्रभावित लोगों में से एक बुज़ुर्ग महिला ने पत्रकारों को बताया, ‘घंटों बाद, जब हम अपने गांव लौटे, तो हमारे ज्यादातर घर या तो तोड़फोड़ दिये गये थे या जला दिये गये थे. भीड़ ने नकदी और कीमती सामान सामान लूट लिया था. हम सदमे में थे और हमने नावों के जरिये भागीरथी नदी पार की और मालदा जिले के एक स्कूल में स्थापित राहत शिविर में शरण ली.’’

राहत शिविर में रह रहे एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उसका भविष्य अंधकारमय है क्योंकि उसके सारे पैसे, जो उसने राज्य के बाहर प्रवासी मजदूर के रूप में काम करके बचाये थे, लूट लिये गये हैं. उसने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय पार्षद भीड़ के जाने के बाद आये, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करने के उनके वादों से वे आश्वस्त नहीं थे. उन्होंने कहा, ‘मुझे पत्नी, मां और छोटी बेटी के साथ नाव में बैठकर अपना गांव छोड़ना पड़ा और निकटवर्ती मालदा में शरण लेनी पड़ी.’’

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि हालांकि डीजीपी ने वादा किया है कि दंगों में शामिल एक भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा, लेकिन उन्होंने सवाल किया कि क्या शीर्ष पुलिस अधिकारी ने प्रभावित लोगों से बात की है.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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