सिर्फ कटमनी व कमीशन वसूलने में लगी है तृणमूल सरकार : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोलकाता एयरपोर्ट से नदिया जिले के राणाघाट में आयोजित कार्यक्रम को फोन से वर्चुअली संबोधित किया. मोदी ने कहा : ऐसा नहीं है कि बंगाल के विकास के लिए पैसों की कमी है, लेकिन यहां की सरकार सिर्फ कट और कमीशन में लगी रहती है.

कोलकाता.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोलकाता एयरपोर्ट से नदिया जिले के राणाघाट में आयोजित कार्यक्रम को फोन से वर्चुअली संबोधित किया. मोदी ने कहा : ऐसा नहीं है कि बंगाल के विकास के लिए पैसों की कमी है, लेकिन यहां की सरकार सिर्फ कट और कमीशन में लगी रहती है. पीएम ने कहा : आज भी बंगाल में हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट अटके हुए हैं. मैं बंगाल की जनता के सामने अपनी पीड़ा रखना चाहता हूं. तृणमूल को मोदी का विरोध करना है तो करे, 100 बार करे, हजार बार करे. लेकिन मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि बंगाल के विकास को क्यों रोका जा रहा है.

पीएम ने संबोधन से पहले 3,200 करोड़ रुपये के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया. पीएम मोदी दिल्ली से शनिवार सुबह 10.40 बजे कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे. वहां से हेलिकॉप्टर से ताहिरपुर रवाना हुए, लेकिन घने कोहरे के कारण उन्हें कोलकाता वापस आना पड़ा. बंगाल में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (एसआइआर) ड्राफ्ट जारी होने के बाद यह मोदी का पहला और पांच महीनों में तीसरा दौरा है.

बंगाल व बंगाली भाषा ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया

प्रधानमंत्री ने नदिया जिले के राणाघाट क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एक स्थान पर जनसभा को संबोधित किया, जहां मतुआ समुदाय का प्रभाव है. मतुआ समुदाय के लोग बांग्लादेश से आये हिंदू प्रवासी हैं और हाल ही में एसआइआर मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद समुदाय के मताधिकार से वंचित होने का खतरा बढ़ गया है. ीएम मोदी ने डिजिटल संबोधन में मतुआ संप्रदाय के धार्मिक नेता और संस्थापक हरिचंद ठाकुर और गुरुचंद ठाकुर का जिक्र कर उनके योगदान को सराहा. प्रधानमंत्री ने रैली में इस क्षेत्र के 15वीं सदी के बंगाली संत को श्रद्धांजलि देते हुए ””जय निताई”” का नारा भी लगाया और एक अन्य संत चैतन्य महाप्रभु के योगदान को भी याद किया. मतुआ समुदाय दोनों की अराधना करता है. वंदे मातरम् के रचनाकार बंकिम दा को लेकर संसद में विवाद के बाद मोदी ने उन्हें ऋषि बंकिम बाबू कहकर श्रद्धांजलि दी और भीड़ को राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोहों की याद दिलायी. बंगाल और बंगाली भाषा ने भारत के इतिहास और संस्कृति को लगातार समृद्ध किया है. वंदे मातरम् ऐसी ही एक रचना है. पूरा देश वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिस पर संसद में भी चर्चा हुई. इस धरती ने देश को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसा ऋषि दिया है. बंकिम बाबू ने गुलाम भारत में वंदे मातरम् के जरिये देश को नयी चेतना दी. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन करते हुए कहा कि वंदे मातरम् ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का मंत्र था.विकास के मामले में त्रिपुरा की तुलना में पिछड़ रहा पश्चिम बंगाल

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वामपंथी पार्टियों को सत्ता से बाहर कर उनके दोषों को अपने अंदर समाहित कर लिया. प्रधानमंत्री ने भाजपा की सरकार बनने के बाद त्रिपुरा में हुए तेज विकास और तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान बंगाल की विकास दर में तेज गिरावट की तुलना की. मोदी ने दावा किया, एक ओर जहां डबल इंजन सरकार के साथ त्रिपुरा आगे बढ़ रहा है, तेजी से विकास कर रहा है, तब दूसरी ओर बंगाल तृणमूल के शासन के तहत विकास के मामले में पीछे जा रहा है. प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा से बंगाल की तुलना करते हुए कहा कि वामपंथी शासन ने तीन दशकों के अपने शासनकाल में त्रिपुरा को बर्बाद कर दिया था, लेकिन भाजपा को अपनाने के बाद राज्य तेजी से विकास कर रहा है. भाजपा शासित त्रिपुरा की तुलना में बंगाल विकास के मामले में पिछड़ रहा है, जबकि त्रिपुरा तेजी से प्रगति कर रहा है.

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Published by: Bijay kumar

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