कोलकाता.
राज्य के विभिन्न जिलों में मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया के दौरान लोगों के कथित उत्पीड़न के कारण विरोध प्रदर्शन करते हुए कई स्थानों पर पथावरोध किये गये. जानकारी के अनुसार, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, झाड़ग्राम और पूर्व मेदिनीपुर जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस को इन क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ानी पड़ी. मालूम रहे कि, इससे एक दिन पहले उच्चतम न्यायालय ने एक आदेश में कहा था कि पश्चिम बंगाल में एसआइआर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और इससे कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए. अदालत ने आयोग को यह निर्देश भी दिया कि तर्कसंगत विसंगतियों वाली सूची में शामिल लोगों के नाम उन ग्राम पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित किये जायें, जहां दस्तावेज और आपत्तियां प्रस्तुत की जायेंगी. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सही दस्तावेज होने के बावजूद बुजुर्ग और असली मतदाताओं को नोटिस जारी किये जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सुधारात्मक कदम नहीं उठाये गये तो, विरोध प्रदर्शन और तेज होंगे.उल्लेखनीय है कि पहले चरण के समाप्त होने के बाद, पिछले साल 16 दिसंबर को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में पूरे राज्य से 58 लाख से अधिक नाम हटाये गये, जिसके बाद मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ हो गयी है.
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