कोलकाता.
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाया है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कुलपी में शुक्रवार को आयोजित सभा के कुछ घंटों बाद ही टिकट से वंचित दो विधायकों को नयी जिम्मेदारी सौंप दी गयी. पार्टी की ओर से दक्षिण 24 परगना जिले के कुलपी और रायदीघी विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव समितियों की घोषणा की गयी है. इन समितियों में दोनों ही क्षेत्रों के मौजूदा विधायकों को महत्वपूर्ण भूमिका दी गयी है, जिन्हें इस बार पार्टी का टिकट नहीं मिला है. जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं को चुनाव समिति का वाइस चेयरमैन बनाया गया है. कुलपी सीट से लंबे समय तक विधायक रहे जोगरंजन (योगरंजन) हल्दर को इस बार पार्टी ने टिकट नहीं दिया है और उनकी जगह नये चेहरे को उम्मीदवार बनाया गया है. हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने अपनी सभा में पहले ही संकेत दे दिया था कि जोगरंजन हल्दर को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जायेगी. सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि जोगरंजन लंबे समय से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में पार्टी को मजबूत किया है. ऐसे में उन्हें संगठन में अहम भूमिका दी जायेगी. इसी तरह रायदीघी के मौजूदा विधायक डॉ आलोक जलदाता को भी चुनाव समिति में वाइस चेयरमैन बनाया गया है. हालांकि, उन्हें भी इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का टिकट नहीं मिला है.पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अनुभवी नेताओं को संगठन में सक्रिय रखने से चुनावी रणनीति को मजबूती मिलेगी. टिकट न मिलने के बाद जोगरंजन ने प्रारंभ में नाराजगी भी जतायी थी, लेकिन नयी जिम्मेदारी मिलने के बाद संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी अंदरूनी असंतोष को संभालने में सफल रही है.
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, चुनाव से ठीक पहले इस तरह के फैसले पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने और कार्यकर्ताओं को सकारात्मक संदेश देने के लिहाज से अहम होते हैं. अब देखना होगा कि इस नयी जिम्मेदारी का चुनावी परिणाम पर कितना असर पड़ता है.