नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों का आंदोलन सिर्फ नाटक : फिरहाद

राज्य के शहरी विकास मंत्री व कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने विकास भवन के सामने अदालत के आदेश के बाद बेरोजगार हुए शिक्षकों के आंदोलन को नाटक करार दिया. उन्होंने शनिवार को पत्रकारों के सवालों के जवाब में ये बातें कहीं. यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन करके सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं बदला जा सकता. केवल सर्वोच्च न्यायालय ही अपने के फैसले को बदल सकता है. ये शिक्षक जो कर रहे हैं, वह एक नाटक है.

कोलकाता.

राज्य के शहरी विकास मंत्री व कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने विकास भवन के सामने अदालत के आदेश के बाद बेरोजगार हुए शिक्षकों के आंदोलन को नाटक करार दिया. उन्होंने शनिवार को पत्रकारों के सवालों के जवाब में ये बातें कहीं. यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन करके सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं बदला जा सकता. केवल सर्वोच्च न्यायालय ही अपने के फैसले को बदल सकता है. ये शिक्षक जो कर रहे हैं, वह एक नाटक है. साथ ही मेयर ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को सहानुभूति के साथ देख रही है. मुख्यमंत्री व पूरी सरकार निश्चित रूप से उन लोगों के साथ खड़ी है.

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के बहकावे में आकर ये लोग ऐसा कर रहे हैं, जो नहीं करना चाहिए. बेरोजगार शिक्षक आंदोलन के नेता फिरहाद हकीम ने टिप्पणियों को निराशाजनक बताया है.

उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार को योग्य शिक्षकों की नौकरियां बचाने के लिए पहल करनी चाहिए. उनकी सरकार के कारण ही आज हमें अपने रास्ते पर बैठना पड़ रहा है. वहीं, माकपा नेता व वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि जिस सरकार का एकमात्र लक्ष्य भ्रष्टाचार हो, उसके मंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को नाटक ही कहेंगे. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने फिरहाद पर बोला हमला

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बेरोजगार शिक्षकों के आंदोलन को नाटक कहने पर राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम पर कड़ा हमला बोला है. शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि फिरहाद हकीम को यह समझ में नहीं आयेगा कि परीक्षा पास करने के बाद नौकरी खोने का क्या परिणाम होता है. इन लोगों ने कड़ी मेहनत कर परीक्षा पास की, नौकरी में नियुक्त हुए और किसी दूसरे अर्थात राज्य सरकार की गलती के कारण इनकी नौकरी छिन गयी. इनके दर्द को फिरहाद हकीम नहीं समझ पायेंगे. उन्होंने कहा कि अगर फिरहाद हकीम को कभी परीक्षा देकर नौकरी मिली होती, तो उन्हें पता होता कि एसएससी जैसी परीक्षा देना कितना कठिन है. अगर वह नौकरी किसी और की चोरी के कारण गयी होती, तो मुख्यमंत्री और फिरहाद हकीम को यह बात समझ में आती.

पुलिस को संयम बरतने की जरूरत थी : बिमान बनर्जी

कोलकाता. विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने विकास भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किये जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस को थोड़ा संयम बरतने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वहीं, एडीजी (दक्षिण बंगाल) सुप्रतीम सरकार ने इस आरोप को गलत बताया है. एडीजी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने काफी संयम बरता था. स्थिति जब बेकाबू हो गयी, तब थोड़ा बल प्रयोग किया गया.

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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