ममता ने एसआइआर को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
तृणमूल सुप्रीमो ने धर्मनिरपेक्ष राजनीति के प्रति प्रतिबद्धता जतायी
कोलकाता. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर मंगलवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा और उस पर ब्रिटिश शासकों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया. बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार न तो हिरासत शिविरों की अनुमति देगी और न ही सांप्रदायिक राजनीति करेगी. वह राज्य सचिवालय में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं, जिसमें उन्होंने अपनी सरकार के पिछले साढ़े 14 वर्षों के कार्यों का ब्योरा दिया. उन्होंने दावा किया कि एसआइआर प्रक्रिया ‘अपने वोट बैंक को बचाने’ के लिए भाजपा के इशारे पर शुरू की गयी है. बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र चुनाव सुधारों की आड़ में ‘राज्यों को परेशान’ करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने पूछा, ‘मैं बंगाल में हिरासत शिविर नहीं चलाती. हम लोगों को प्रताड़ित नहीं करते. हम दूसरों को परेशान नहीं करते, तो केंद्र राज्यों को क्यों परेशान कर रहा है?’ बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को ब्रिटिश शासकों की तरह काम नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘मैं केंद्र से कहना चाहती हूं: अंग्रेजों की तरह व्यवहार न करें और हम पर कोई भी चीज जबरदस्ती न थोपें. अगर आपको कुछ कहना है, तो सीधे राज्य को बतायें. हम संविधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं.’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘मैं सांप्रदायिक राजनीति नहीं करती. मैं धर्मनिरपेक्ष राजनीति करती हूं. मेरे लिए सभी धर्म एक समान हैं.’ उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है, जब पश्चिम बंगाल में एसआइआर को लेकर राजनीतिक घमासान बढ़ गया है और भाजपा एवं तृणमूल कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है. बनर्जी ने अपने पुराने आरोप दोहराया कि भाजपा मतदाता सूचियों को प्रभावित करने के लिए निर्वाचन आयोग की मशीनरी का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, ‘बंगाल भेदभाव नहीं करता. हम सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करते हैं. यह ऐसी सरकार नहीं है, जो लोगों को बांटे. यह ऐसी सरकार है, जो सभी की रक्षा करती है.’ उन्होंने कहा कि राज्य सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने के ‘किसी भी प्रयास का विरोध’ करेगा. बनर्जी ने केंद्र के नागरिकता संबंधी कानूनों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा और कहा कि बंगाल ‘कभी भी ऐसी किसी चीज का समर्थन नहीं करेगा, जो लोगों को हिरासत शिविरों में धकेल दे या उन्हें राज्यविहीन बना दे’.
बिहार में चुनाव से पहले 10-10 हजार रुपये दिये गये, अब बुलडोजर राज: ममता ने इस दौरान भाजपा नीत एनडीए पर जमकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महिलाओं में 10-10 हजार रुपये बांटे गये. चुनाव जीतने के बाद अब वहां बुलडोजर राज है. यही भाजपा का तरीका है. ममता ने केंद्र से अपील करते हुए कहा कि हमलोग जब दूसरे राज्य के मामलों में दखल नहीं देते तो ब्रिटिश सरकार की तरह जबरन हम पर कुछ ना थोपें.
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