टैगोर साहित्य की विद्वान और प्रवासी लेखिका केतकी कुशारी डायसन का निधन, 86 की उम्र में इंग्लैंड में ली अंतिम सांस

Tagore Scholar Ketaki Kushari Dyson Passed Away: प्रवासी भारतीय लेखिका और रवींद्र नाथ टैगोर के साहित्य पर शोध करने वाली केतकी कुशारी डायसन का 86 वर्ष की उम्र में ऑक्सफोर्ड में निधन हो गया. जानिए उनके जीवन, साहित्य और टैगोर शोध में उनके योगदान के बारे में.

Tagore Scholar Ketaki Kushari Dyson Passed Away: भारतीय मूल की लेखिका और रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं की प्रख्यात विद्वान केतकी कुशारी डायसन का इंग्लैंड में निधन हो गया. वे 86 वर्ष की थीं. उनके परिवार के एक करीबी सूत्र ने इस खबर की पुष्टि की है. उन्होंने इंग्लैंड में अपने आवास पर अंतिम सांस ली. केतकी कुशारी डायसन ने अंग्रेजी अनुवाद और शोध के माध्यम से नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के साहित्य और कलात्मक योगदान को वैश्विक पाठकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी.

लंबे समय से थीं बीमार

रवींद्र भारती विश्वविद्यालय की शोधकर्ता और डायसन की पारिवारिक मित्र सुमना दास सुर ने बताया कि उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझने के बाद केतकी ने 11 सितंबर को ऑक्सफोर्ड के बाहरी इलाके में स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. उनके परिवार में उनके पति रॉबर्ट डायसन तथा दो बेटे वर्जिल पुजारी डायसन और इगोर नीलाद्री डायसन हैं.

अविभाजित बंगाल से ऑक्सफोर्ड तक का शानदार सफर

केतकी कुशारी डायसन का जन्म 26 जून 1940 को अविभाजित बंगाल के कुश्तिया (जो अब बांग्लादेश में है) में हुआ था. बचपन से ही मेधावी केतकी ने वर्ष 1958 में कोलकाता के प्रसिद्ध प्रेसिडेंसी कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में रिकॉर्ड अंकों के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1975 में पीएचडी की उपाधि हासिल की.

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रॉबर्ट डायसन से हुआ था विवाह

ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात रॉबर्ट डायसन से हुई थी, जो यॉर्कशायर के रहने वाले थे. वह भौतिकी के छात्र थे. विवाह के बाद वे ब्रिटेन में ही बस गयीं और ब्रिटिश नागरिक बन गयीं. लेकिन जीवनभर उनका बंगाली साहित्य और भारतीय संस्कृति से अटूट नाता रहा. उन्होंने कविताएं, नाटक और उपन्यास की रचना की.

टैगोर और विक्टोरिया ओकांपो के संबंधों पर किया शोध

केतकी डायसन का सबसे प्रमुख शोध ‘रवींद्रनाथ ओ विक्टोरिया ओकांपो-र संधाने’ माना जाता है. इस रचना में उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर और अर्जेंटीना की प्रसिद्ध लेखिका विक्टोरिया ओकांपो के बीच के आत्मीय व साहित्यिक संबंधों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया था. इसके अलावा उन्होंने टैगोर की कविताओं और विशेष रूप से उनकी चित्रकला (Paintings) पर व्यापक काम किया.

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डायसन की प्रमुख साहित्यिक कृतियां

  • बालकाल
  • नारी नगरी
  • जल फुनरे आगुन

डायसन को मिला पुरस्कार

साहित्य और शोध के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें 1986 में प्रतिष्ठित आनंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

केतकी कुशारी डायसन का जीवन परिचय

  • जन्म : 26 जून 1940 (कुश्तिया, अविभाजित बंगाल)
  • निधन : 11 सितंबर 2026 (ऑक्सफोर्ड, इंग्लैंड)
  • पहचान : प्रवासी लेखिका, टैगोर शोधकर्ता, अनुवादक
  • शिक्षा : प्रेसिडेंसी कॉलेज (BA) कलकत्ता, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (PhD)
  • प्रसिद्ध पुस्तक : रवींद्रनाथ ओ विक्टोरिया ओकांपो-र-संधाने
  • सम्मान : आनंद पुरस्कार (1986)

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