कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट
Suvendu Adhikari: कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सागरद्वीप में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले गंगासागर मेला को और भव्य बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष योजना तैयार की जायेगी, जिससे पूरे सागरद्वीप का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकास किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इससे सागरद्वीप में पर्यटन का विकास होगा और यहां के लोगों के लिए नये रोजगार के अवसर बनेंगे.
मुख्य बिंदू
पिछली सरकार पर साधा निशाना
सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार की उदासीनता के कारण राज्य ‘सागरमाला-1’ का लाभ नहीं उठा सका. उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रयासों के चलते बंगाल को ‘सागरमाला-2’ में शामिल किया गया है.
व्यापार व रोजगार को मिलेगा लाभ
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से जल परिवहन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नयी दिशा मिलेगी. रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
जलमार्ग व बंदरगाहों के लिए बनेगा अलग विभाग
राज्य सरकार शिपिंग व जलमार्ग से जुड़े मामलों के लिए अलग विभाग बनाने पर विचार कर रही है.
तटीय क्षेत्र का किया जायेगा विकास
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से कपिलमुनि आश्रम के आसपास के तटीय क्षेत्र का विकास किया जायेगा, ताकि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और पर्यटन को भी बढ़ावा मिले. कपिलमुनि मंदिर के सामने समुद्र तट पर कटाव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए विशेष पहल शुरू की जायेगी. गौरतलब है कि राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय पोत, परिवहन व जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल व मंत्री शांतनु ठाकुर के साथ राज्य में जलमार्ग व बंदरगाहों के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल सहित अधिकारी अन्य गणमान्य उपस्थित रहे.
ताजपुर की जगह दंदनपात्रबार में बनेगा डीप सी पोर्ट
इसके साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जमीन अधिग्रहण और अन्य जटिलताओं के कारण अटके ताजपुर गहरे समुद्री बंदरगाह परियोजना को लेकर भी राज्य सरकार की स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि जमीन की कमी के कारण संबंधित अदाणी समूह इस परियोजना से पीछे हट गया था. हालांकि, सरकार इस प्रोजेक्ट को रद्द नहीं कर रही है, बल्कि इसके विकल्प के रूप में ताजपुर से महज 10 किलोमीटर दूर दंदनपात्रबार में नया डीप सी पोर्ट विकसित किया जायेगा. इसके लिए करीब 1,700 एकड़ जमीन आवंटित की जायेगी. उन्होंने कहा कि यहां पर राज्य सरकार की 1700 एकड़ से अधिक जमीन है, जहां बंदरगाह का निर्माण किया जायेगा.
पिछली सरकार पर साधा निशाना
परिवहन क्रांति के साथ-साथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल अब आधिकारिक तौर पर केंद्र सरकार की ‘सागरमाला-2’ परियोजना का हिस्सा बन गया है. राज्य की पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की उदासीनता के कारण पश्चिम बंगाल इस महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा नहीं बन पाया था, जिसके चलते हमारे हाथ से ‘सागरमाला-1’ का मौका निकल गया.
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
शुभेंदु अधिकारी ने कहा- अब हमारी सरकार के प्रयासों से बंगाल ‘सागरमाला-2’ में शामिल हो गया है. इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल में शिपिंग, लॉजिस्टिक्स, आयात-निर्यात (इंपोर्ट-एक्सपोर्ट) और बंदरगाहों के विकास के लिए 22,700 करोड़ रुपये की विशाल परियोजनाएं शुरू की जायेंगी. राज्य सरकार का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल में जल परिवहन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा मिलेगी तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
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जलमार्ग को लेकर नया विभाग बनायेगी राज्य सरकार
भविष्य में जलमार्ग और बंदरगाहों के बढ़ते महत्व को देखते हुए शुभेंदु सरकार अब शिपिंग (जहाज आवाजाही) से जुड़े मामलों के लिए एक स्वतंत्र और अलग विभाग बनाने पर विचार कर रही है. वर्तमान में यह परिवहन विभाग के तहत आता है. अलग विभाग बनने से बंदरगाह विकास और माल ढुलाई के काम अधिक पेशेवर और तेजी से पूरे हो सकेंगे.
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