स्कूली शिक्षा से गायब होते बांग्ला शब्द पर शुभेंदु अधिकारी चिंतित, तृणमूल सरकार को बताया जिम्मेदार

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार के कार्यकाल में बंगाल की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पाठ्यक्रम में बांग्ला शब्दों को बदले जाने को भाषा की विकृति बताया है.

कोलकाता : मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि पिछली सरकार के दौरान बंगाल की शिक्षा प्रणाली में कुछ सुनियोजित बदलाव किए गए थे. उन्होंने यह भी बताया कि बंगाली माध्यम के पाठ्यक्रम में कई शब्द बदले गए थे. मुख्यमंत्री ने गोलपार्क रामकृष्ण मिशन में आरएसएस के एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए तृणमूल सरकार के शासनकाल के दौरान बंगाल की शिक्षा प्रणाली की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भाषा को योजनाबद्ध तरीके से विकृत किया गया था.

मां को अम्मा, आकाश को आसमान...

शुभेंदु अधिकारी ने कहा- एक समय था जब वामपंथियों ने बंगाल के विकास में बाधा डाली. तृणमूल द्वारा शुरू की गई शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रवाद और देशभक्ति लुप्त होने लगी थी. इसके बाद उन्होंने पाठ्यक्रम को लेकर पिछली सरकार पर आरोप लगाए. तृणमूल सरकार के दौरान तैयार किए गए पाठ्यक्रम के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा- मां को अम्मा, आकाश को आसमान... पाठ्यक्रम इस तरह तैयार किया गया था कि विद्यासागर या विवेकानंद ने शिक्षा प्रणाली के बारे में सोचा ही न हो. बच्चों के मन में विभाजन पैदा किया गया.

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सही समय पर आया है परिवर्तन

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कक्षा 5 से 8 तक के मुस्लिम छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है. अन्य धर्मों के छात्र इस अवसर से वंचित रहते हैं. उन्होंने पाठ्यक्रम के बारे में आगे कहा- टाटा साम्राज्य का अपना इतिहास है, पार्थ चटर्जी की अपनी कहानी है, लेकिन पश्चिम बंगाल के निर्माण का इतिहास श्यामा प्रसाद के नाम नहीं है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शब्दों में- परिवर्तन सही समय पर आया है. हम सही समय पर बच गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति अपनाई.

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By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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