बंगाल: पार्क सर्कस मामले में भड़के शुभेंदु अधिकारी, बोले- यह आखिरी पत्थर होगा जो फेंका गया है

Suvendu Adhikari: मुख्यमंत्री ने इससे पहले लालबाजार में भी इसी तरह की टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि अगर कोई पुलिस को हाथ लगाएगा तो उसे मौत की सजा दिलवा दी जाएगी और उनकी सरकार अपराधियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी.

Suvendu Adhikari: कोलकाता: पार्क सर्कस ईलाके में अवैध बेदखली अभियान के दौरान पुलिस पर हुई पत्थरबाजी पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पहले भी कड़ा संदेश दिया था. शनिवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री ने सख्त और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पार्क सर्कस में जो हुआ वो आखिरी बार हुआ है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा- मैं साफ़-साफ़ कह देता हूं, यह आखिरी पत्थर है, जो फेंका गया है, शुभेंदु ने पार्क सर्कस में कड़ा रुख अपनाया.

‘बुलडोजर कार्रवाई’ के विरोध में हुए थे प्रदर्शन

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का दौर था. मुर्शिदाबाद में कई बार विभिन्न मुद्दों पर तनाव बढ़ा. पुलिसकर्मियों की पिटाई से लेकर सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ तक लोगों ने देखा न जाने क्या-क्या हुआ. अब स्थिति बदल गई है. हाल ही में, पार्क सर्कस में अवैध बेदखली अभियान और ‘बुलडोजर कार्रवाई’ के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला हुआ. उत्तेजित भीड़ ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की गई. अब सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है.

बदल रही है बंगाल की तस्वीर

घटना से गुस्साये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आज राज्य की तस्वीर बदल रही है. उन्होंने कहा- यहां बहुत सारे व्यापारी और उद्योगपति आए हैं. क्या यहां जबरन वसूली, धन शोधन, गिरोहों का राज है. क्या यहां पुलिस का जुर्माना लगता है. क्या यहां दिखावा होता है. शुभेंदु ने टिप्पणी करते हुए कहा- पश्चिम बंगाल की छवि धीरे-धीरे बदल रही है. उन्होंने आगे कहा- मौसम बदल रहा है. वे जबरदस्ती माफी मांग रहे हैं. उन्होंने पार्क सर्कस में पुलिस पर पत्थर फेंके. मैं आपको बता दूं, यह उनका आखिरी पत्थर फेंकने का प्रयास है.

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फिर सबसे खतरनाक पुलिस मंत्री होंगे शुभेंदु

उपद्रवियों को कड़ा संदेश देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा- अगर पुलिस पर हमला होता है और सरकारी संपत्ति को नष्ट किया जाता है, तो सबसे खतरनाक पुलिस मंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे. फिर मोथाबारी नहीं रहेगा. धुलियन, शमशेरगंज नहीं रहेगा. पूजा करने के लिए उच्च न्यायालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मुख्यमंत्री ने इससे पहले लालबाजार में भी इसी तरह की टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि अगर कोई पुलिस को हाथ लगाएगा तो उसे मौत की सजा दिलवा दी जाएगी और उनकी सरकार अपराधियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी.

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Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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