मंदारमणि में वैध-अवैध होटलों का मानदंड निर्दिष्ट करे राज्य सरकार : एसोसिएशन

मंदारमणि वेलफेयर होटल एसोसिएशन ने सरकार से गुजारिश की है कि वह यह बता दे कि यहां कितने होटल वैध और अवैध हैं.

प्रतिनिधि, हल्दिया

ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट ने मंदारमणि में समुद्र किनारे अवैध तरीके से बने होटलों को तोड़ने का निर्देश दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने होटलों पर बुलडोजर नहीं चलाने का आदेश जारी किया है. इसी बीच मंदारमणि वेलफेयर होटल एसोसिएशन ने सरकार से गुजारिश की है कि वह यह बता दे कि यहां कितने होटल वैध और अवैध हैं. एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देवराज दास ने कहा कि राज्य सरकार से हमारा अनुरोध है कि यहां कितने होटल वैध और अवैध हैं, इसकी आधिकारिक रूपरेखा तैयार की जाये.

हम होटल व्यवसायी भी यही चाहते हैं कि सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि भविष्य में मंदारमनि में होटल या रेस्तरां खोले जा सकें. मालूम रहे कि वर्तमान में यहां 222 होटल हैं. निर्माणाधीन लगभग 33 होटल हैं. यह मामला हाइकोर्ट में विचाराधीन है. अगले शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई होगी. उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने अवैध तरीके से बने होटलों को तोड़ने करने का निर्देश जारी किया था, जिसके बाद ही जिला प्रशासन ने मंदारमणि में 140 होटलों को तोड़ने का नोटिस जारी कर दिया. यह नोटिस मिलने के बाद होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया. हालांकि राज्य सरकार के फैसले के बाद होटल व्यवसायियों ने राहत की सांस ली.

मंदारमणि में सोनार बांग्ला होटल के मालिक अभिषेक राय चौधरी ने कहा कि होटल बनाते समय हमने स्थानीय प्रशासन के सभी दस्तावेजों के साथ होटल बनाया था. अब कहा जा रहा है कि होटल अवैध रूप से बनाया गया है. हम चाहते हैं कि सरकार वैध और अवैध के मानदंड तय करे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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