कोलकाता.
कलकत्ता हाइकोर्ट ने स्कूल नियुक्ति परीक्षा में कथित रूप से 24 गलत सवाल पूछे जाने के मामले में स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) से जवाब तलब किया है. अदालत ने यह जानना चाहा है कि सवाल वास्तव में गलत थे या नहीं और आपत्ति दर्ज कराने वाले उम्मीदवारों से किस आधार पर शुल्क लिया गया. सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने पूछा कि जिन अभ्यर्थियों ने रिव्यू के लिए आवेदन किया, उनसे कितनी राशि वसूली गयी और यदि सवाल गलत साबित हुए, तो कितनी रकम वापस की गयी. अदालत ने यह भी जानना चाहा कि इस संबंध में अब तक कितनी शिकायतें दर्ज हुई हैं. हाइकोर्ट ने एसएससी को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर अदालत के सभी सवालों का विस्तृत जवाब दाखिल करे. अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, तो उम्मीदवारों से शुल्क किस आधार पर लिया गया, इसकी जानकारी भी दी जाये. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि एसएससी की दूसरी एसएलएसटी परीक्षा में 24 प्रश्न गलत थे. इस मामले में चंदन धर समेत परीक्षार्थियों के एक समूह ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की है. उनका कहना है कि एसएससी ने आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये वसूले, जबकि कानून में ऐसी वसूली का कोई प्रावधान नहीं है.वादी पक्ष के अधिवक्ता फिरदौस शमीम ने दलील दी कि उत्तर पुस्तिका देखने के लिए शुल्क लिया जाता है, लेकिन किसी प्रश्न में त्रुटि होने पर आपत्ति दर्ज करने के लिए शुल्क लेने का कोई कानूनी आधार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि एसएससी ने परीक्षार्थियों के अधिकारों को सीमित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया. अदालत ने टिप्पणी की कि यदि कानून में प्रावधान नहीं है, तो एसएससी उम्मीदवारों से पैसे किस आधार पर ले रहा है. इस पर आयोग को स्पष्ट जवाब देना होगा.
