मुख्य बात
Suvendu Adhikari: कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा का विशेष सत्र 15 मई को बुलाई गयी है. नयी विधानसभा गठित होने के बाद यह पहला सत्र है. भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है. अब विधान सदन में वो सरकार का बहुमत सिद्ध करेंगे. इस लिए 15 मई, शुक्रवार को विधानसभा का पहला सत्र बुलाया गया है. विधानसभा सचिवालय की ओर से बुधवार रात जारी एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई है.
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सुबह 11 बजे से शुरू होगी सदन की कार्रवाई
अधिसूचना में सभी विधायकों से उस दिन सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली सदन की कार्यवाही में निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है. यह निर्देश बंगाल विधानसभा के प्रधान सचिव सौमेंद्र नाथ दास की ओर से जारी किया गया है. अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल के आदेश के तहत विधानसभा का यह सत्र आहूत किया गया है. इसमें बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए विधानसभा का यह सत्र बुलाया है.
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विधानसभा परिसर में माछ-भात भोज का आयोजन
बुधवार को विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा- विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है. यहां हम पारदर्शिता के साथ जनता के लिए काम करेंगे. दिन की कार्यवाही के पहले चरण के अंत में कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी नव-निर्वाचित विधायकों के लिए विशेष ‘माछ-भात’ (मछली-चावल) भोज की व्यवस्था की गयी है. यह केवल एक साधारण भोजन नहीं था, बल्कि इसमें राजनीतिक प्रतीकवाद और सांस्कृतिक संदेश छिपा था, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान दावा किया था कि अगर भाजपा सत्ता में आयी तो पश्चिम बंगाल में मांसाहार पर प्रतिबंध लगा दिया जायेगा.
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