कोलकाता.
राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान जनता की परेशानी के मुद्दे को उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस द्वारा मंगलवार को राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) के कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन किया गया. बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में चुनाव आयोग कार्यालय के सामने पहुंचे. इस दौरान शुभंकर सरकार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने मुख्य चुनाव अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की. वहीं, कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए सीइओ कार्यालय के सामने भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी थी. प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका, तो वे पुलिस से भिड़ गये. इस दौरान इलाके मंे तनाव देखा गया. बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर नेता और कार्यकर्ता सीइओ ऑफिस के सामने सड़क पर बैठ कर धरना देने लगे. पुलिस ने शुभंकर सरकार समेत सौ से ज्यादा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें लालबाजार ले गयी. मंगलवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग को एक खुला पत्र जारी कर एसआइआर प्रक्रिया और सुनवाई को तुरंत बंद करने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान शुभंकर सरकार ने एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया को तुरंत बंद करने की मांग करते हुए कहा कि पूरी एसआइआर प्रक्रिया ही परेशानी भरी और राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने कहा : जब हम शांतिपूर्ण तरीके से जनता की परेशानी से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अवगत करना चाहते थे, तो पुलिस ने हमें रोका और हिरासत में ले लिया.जान-बूझ कर जनता को परेशान कर रहा चुनाव आयोग : श्री सरकार ने कहा : हमें लगता है कि चुनाव आयोग ने जान-बूझकर आम जनता को परेशान कर रहा है. इसके नतीजे आज तक सुनवाई में मौजूद वोटर्स को नहीं बताये गये हैं और सुनवाई के चरण के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गयी है. ऐसे में वोटर काफी चिंता में हैं. वे परेशान हैं. श्री सरकार ने कहा क राज्य में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं. ऐसे में तुरंत एसआइआर प्रक्रिया बंद कर बीएलओ को स्कूल की ड्यूटी के लिए मुक्त कर देना चाहिए.
शुभंकर सरकार ने चुनाव आयोग को लिखा खुला पत्र राज्य में एसआइआर प्रक्रिया बंद करने की मांगराज्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को खुला पत्र लिखकर जनता की परेशानियों से अवगत कराते हुए इसे तुरंत स्थगित करने की मांग की. श्री सरकार ने कहा : हमें यह देखकर निराशा हुई कि राज्य में एक करोड़ से ज्यादा वोटरों को ””लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी”” के आधार पर सुनवाई के लिए नोटिस जारी किये जा रहे हैं. इसके अलावा, ऐसे ””अनमैप्ड”” वोटर भी हैं, जिनका 2002 की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं हो पाया है. ””लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी”” पर आधारित नोटिस का एसआइआर नोटिफिकेशन में कोई जिक्र नहीं है.
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