एआइ से बना फर्जी वोटर कार्ड जमा, भाजपा ने उठाये सवाल
पश्चिम बंगाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से तैयार किये गये वोटर आइडी जमा किये जाने का गंभीर मामला सामने आया है. यह प्रकरण दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) चरण के दौरान नियमित जांच में उजागर हुआ.
By BIJAY KUMAR | Updated at :
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद से तैयार किये गये वोटर आइडी जमा किये जाने का गंभीर मामला सामने आया है. यह प्रकरण दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) चरण के दौरान नियमित जांच में उजागर हुआ. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मतदाता जन्नातुन मोल्ला ने अपने पिता हासेम मोल्ला के साथ संबंध प्रमाणित करने के लिए एक एआइ-जनरेटेड वोटर आइडी कार्ड प्रस्तुत किया था. यही दस्तावेज संबंध स्थापित करने का एकमात्र प्रमाण था. चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रारंभिक स्तर पर इस फर्जी दस्तावेज को स्वीकार कर लिया गया और जांच के दौरान कुछ चुनाव अधिकारियों ने इसे फाउंड ओके तक चिह्नित कर दिया. बाद की जांच में स्पष्ट हुआ कि वोटर आइडी कार्ड पर अंकित इपीआइसी नंबर पूरी तरह फर्जी है. साथ ही, कार्ड पर ‘एआइ जेनरेटेड’ का वॉटरमार्क भी मौजूद था, जिससे इसके कृत्रिम रूप से तैयार होने की पुष्टि हुई. इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी के आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मामला साझा करते हुए राज्य की चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि यह कुख्यात डायमंड हार्बर मॉडल है. इससे स्पष्ट होता है कि यहां एसआइआर प्रक्रिया में किस प्रकार धांधली की जा रही है. मामले के सामने आने के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गयी है.