संवाददाता, कोलकाता
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) को निर्देश दिया कि वे चुनाव संबंधी कार्यों में तैनात एलआइसी के फील्ड कर्मियों की सेवा शर्तों की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर हलफनामा दाखिल करें. यह याचिका नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया द्वारा दायर की गयी है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे एलआइसी के कर्मचारी हैं और निर्वाचन आयोग के निर्देश पर समय-समय पर उन्हें चुनावी कार्यों में लगाया जाता है. संगठन ने आशंका जतायी है कि चुनाव ड्यूटी के कारण वे अपने निर्धारित बीमा व्यवसाय लक्ष्य पूरे नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी सेवा शर्तें और पदस्थापन प्रभावित हो सकती हैं. न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस विवाद के निपटारे के लिए एलआइसी और निर्वाचन आयोग दोनों का पक्ष जानना आवश्यक है. अदालत ने सवाल किया कि जब कर्मचारियों को संवैधानिक संस्था के कार्य के लिए भेजा जा रहा है, तो इससे उनकी सेवा शर्तों पर प्रतिकूल प्रभाव क्यों पड़े. अदालत ने एलआइसी और निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वे दो सप्ताह के भीतर इस मामले में अपनी-अपनी रिपोर्ट हलफनामे के रूप में दाखिल करें. इसके बाद याचिकाकर्ता को इन रिपोर्टों पर एक सप्ताह के भीतर आपत्ति दाखिल करने की छूट दी गयी है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 26 फरवरी तय की है.
निर्वाचन आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि कुछ कर्मचारियों को चयनित दिनों के लिए ही चुनाव कार्यों में लगाया गया है. दूसरी ओर, एलआइसी की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि निगम के 1210 कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यों के लिए अधिकृत किया है. उन्होंने यह भी बताया कि एक ओर एलआइसी को अपने कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए भेजना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे निगम के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. अदालत ने दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद हलफनामे दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की आगे की सुनवाई तिथि तय कर दी है.
