कोलकाता नगर निगम की सभी 209 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा रीतब्रत बनर्जी का खेमा, भाजपा को देंगे टक्कर

रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला तृणमूल कांग्रेस गुट कोलकाता नगर निगम (KMC) चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है. वे भाजपा के खिलाफ सभी 209 वार्डों में उम्मीदवार उतारने का फैसला कर चुके हैं.

Kolkata Municipal Elections: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. इस खेमे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ सभी 209 वार्डों में प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है. रीतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले तृणमूल ने निगम की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए इस सप्ताह के अंत में वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक बुलायी है.

दिसंबर में निकाय चुनाव होने की संभावना

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद से ही पार्टी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले कालीघाट कैंप और रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में बंट गयी है. रीतब्रत बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि कोलकाता नगर निगम के प्रस्तावित परिसीमन के बाद संभवत: दिसंबर में चुनाव हो सकता है. इस चुनाव में वह अलग से सभी वार्डों में उम्मीदवार उतारेंगे. उन्होंने कहा कि हावड़ा समेत अन्य नगर निकायों में भी हर वार्ड से उनके लोग चुनाव लड़ेंगे.

प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू

रीतब्रत बनर्जी ने बताया कि प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. उत्तर और दक्षिण कोलकाता के जिला अध्यक्षों से प्रस्तावित वार्डों के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने को कहा गया है. पार्टी का यह गुट वार्डों के नये सिरे से परिसीमन पर होने वाली जन-सुनवाइयों की तैयारी भी कर रहा है. ये सुनवाइयां 5 सितंबर से शुरू होने वाली हैं. रीतब्रत बनर्जी गुट ने अपने प्रतिनिधियों से कहा है कि वे इन सुनवाइयों में जरूरी दस्तावेज, नक्शे और वार्डों के प्रस्तावित पुनर्गठन से जुड़ी खास आपत्तियों के साथ शामिल हों. परिसीमन पर हुई सर्वदलीय बैठक में बागी गुट की ओर से विधानसभा में तृणमूल के उप-नेता संदीपन साहा पहले ही अपनी आपत्तियां जता चुके हैं.

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भाजपा ने शुरू किया चुनाव प्रचार

भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही अपनी चुनाव समिति बना ली है. चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है. रीतब्रत गुट भी यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि उसके पास ऐसा संगठनात्मक ढांचा है, जो भाजपा और कालीघाट तृणमूल दोनों का मुकाबला करने में सक्षम है. रीतब्रत बनर्जी खेमे के करीबी नेताओं का मानना है कि निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव से पहले पार्टी के चुनाव चिह्न और उसके फंड पर नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद पर फैसला कर सकता है. उनका कहना है कि इससे इस गुट की स्थिति मजबूत होगी और उसके उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान में उतरना आसान हो जायेगा.

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