प्राथमिक टेट डीएलएड अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन

इन अभ्यर्थियों ने कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक रैली निकाली और सरकार से अपनी समस्या का शीघ्र निदान करने की अपील की.

कोलकाता. प्राथमिक टीइटी (2022) डीएलएड यूनाइटेड फोरम के अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार के खिलाफ मंगलवार को सड़कों पर प्रदर्शन किया. इन अभ्यर्थियों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालयों में 50 हजार रिक्तियां हैं, लेकिन सरकार उन्हें नियुक्त नहीं कर रही है. टेट देने के बाद भी वे नौकरी नहीं पा रहे हैं, जबकि प्राइमरी स्कूलों में कई पद रिक्त पड़े हैं. प्राथमिक विद्यालयों में 50 हजार रिक्तियों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ इन टेट अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया. इन अभ्यर्थियों ने कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक रैली निकाली और सरकार से अपनी समस्या का शीघ्र निदान करने की अपील की. वहीं, प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष गौतम पाल ने कहा कि टेट पास करने का अर्थ यह नहीं है कि अभ्यर्थी किसी भी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में नौकरी पाने के योग्य हो गया, या एये नौकरी के लिए क्वालीफाई माना जायेगा. ऐसा नहीं है. प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति करने का एक नियम है. जब विभाग या राज्य सरकार सही स्थिति का आकलन कर तय करेगी, तभी रिक्त पदों पर वैकेंसी निकाली जायेगी या नियुक्ति की जायेगी. नियुक्ति की एक लंबी प्रक्रिया है. टेट पास करने के बाद भी परीक्षा व इंटरव्यू के जरिये चयन किया जाता है. टीइटी (2022) डीएलएड के जो अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वह उचित नहीं है. शिक्षा विभाग अपने नियमानुसार ही काम करेगा. वहीं, टेट अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि योग्य उम्मीदवार बैठे हैं. लेकिन सरकार सरकारी प्राथमिक स्कूलों में वैकेंसी होने के बावजूद कोई नौकरी या नियुक्ति नहीं दे रही है. ऐसे में राज्य के शिक्षित युवा भटक रहे हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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