काशी विश्वनाथ की तर्ज पर चमकेगा बाबा तारकेश्वर का दरबार, 20 को बंगाल आ सकते हैं पीएम मोदी

PM Narendra Modi Tarakeswar Visit: हुगली के प्रसिद्ध तारकेश्वर धाम को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गयी है. 20 जून को पीएम मोदी के संभावित दौरे से पहले डीएम ने जमीन अधिग्रहण और दुकानों के पुनर्वास पर बड़ी बैठक की.

PM Narendra Modi Tarakeswar Visit: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध शैव महातीर्थ हुगली जिले का तारकेश्वर धाम आने वाले दिनों में देश के सबसे आधुनिक और भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में नजर आने वाला है. 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तारकेश्वर आगमन की संभावना के बीच इस पवित्र मंदिर क्षेत्र के व्यापक सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचनाओं के विकास की योजनाओं ने रफ्तार पकड़ ली है.

बंगाल को धार्मिक सौगातें दे सकते हैं पीएम मोदी

केंद्र और राज्य सरकार तारकेश्वर धाम को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मॉडल पर विकसित करने का खाका तैयार किया गया है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने इस संभावित और हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट की औपचारिक घोषणा या शिलान्यास कर बंगाल की जनता को अभूतपूर्व धार्मिक सौगात दे सकते हैं.

डीएम की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे और इस बड़े प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए हुगली के जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हो चुकी है. वीआईपी बैठक में जिले के विभिन्न प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय क्षेत्र के विधायक ने हिस्सा लिया.

इसे भी पढ़ें : Good News : बाबा तारकेश्वर धाम जाने वाले यात्रियों के लिये खुशखबरी,पूर्व रेलवे चलायेगा श्रावण मेला ईएमयू स्पेशल ट्रेन

श्रावणी मेला और मंदिर के विकास पर हुई चर्चा

बैठक में श्रावणी मेले की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ मुख्य रूप से तारकेश्वर मंदिर परिसर के आधुनिक विकास, दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार, वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन और क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को 21वीं सदी के अनुरूप अपग्रेड करने पर बिंदुवार और विस्तृत चर्चा की गयी.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हटेगा संकरी सड़कों का जाल

तारकेश्वर के स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों का कहना है कि अभी मंदिर तक पहुंचने वाले जितने भी मुख्य मार्ग हैं, बेहद संकरे और तंग हैं. विशेषकर साल के 2 सबसे बड़े उत्सवों – श्रावण और चैत्र मेले के दौरान जब यहां देश भर से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, तब आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है. लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए एंट्री और एग्जिट गेट को चौड़ा करने पर विचार किया जा रहा है.

PM Narendra Modi Tarakeswar Visit: पुनर्वास का बनेगा नया प्लान

आवश्यकता पड़ने पर मंदिर के आसपास की जमीनों का सरकार अधिग्रहण करेगी. साथ ही, सड़कों के दायरे में आने वाली कुछ स्थानीय दुकानों का पुनर्वास किया जा सकता है, ताकि किसी की रोजी-रोटी प्रभावित न हो. श्रद्धालुओं को भी सुगम, सुरक्षित और सुंदर मार्ग उपलब्ध कराया जा सके.

पुरोहितों ने भी थाम लिया सरकार का हाथ

इस भव्य कॉरिडोर परियोजना को लेकर तारकेश्वर मंदिर के मुख्य पुरोहितों और सेवायतों ने बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक रुख अपनाया है. मंदिर के पुरोहितों ने कहा है कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुविधा और इस ऐतिहासिक मंदिर के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार जो भी कदम उठायेगी, उसमें मंदिर प्रशासन और पुरोहित समाज अपना शत-प्रतिशत सहयोग प्रदान करेगा.

इसे भी पढ़ें

तीसरी सोमवारी पर तारकेश्वर धाम में उमड़ा जनसैलाब

एक बार फिर बोल बम के जयकारों से गूंज उठेगा तारकेश्वर धाम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >