चुनाव आयोग ने पीवीटीजी समुदायों को दी राहत

चुनाव आयोग ने राज्य में एसआइआर प्रक्रिया के दौरान जनजातीय समूहों के सबसे कमजोर वर्ग (पीवीटीजी) के सदस्यों को बड़ी राहत दी है. आयोग ने निर्देश जारी कर बिना किसी दस्तावेज के मतदाता सूची में नाम दर्ज करने की अनुमति प्रदान की है.

कोलकाता.

चुनाव आयोग ने राज्य में एसआइआर प्रक्रिया के दौरान जनजातीय समूहों के सबसे कमजोर वर्ग (पीवीटीजी) के सदस्यों को बड़ी राहत दी है. आयोग ने निर्देश जारी कर बिना किसी दस्तावेज के मतदाता सूची में नाम दर्ज करने की अनुमति प्रदान की है. इस आदेश के तहत बिरहोर, टोटो, लोढा सबर और खेरिया सबर समुदायों के पात्र सदस्यों को जिला मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के आधार पर मतदाता के रूप में पंजीकृत किया जायेगा, भले ही उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में दर्ज न रहा हो.

आयोग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित ब्लॉक अधिकारियों से प्रखंडवार बस्तियों और संभावित मतदाताओं की सूची तलब की है. साथ ही जिन सदस्यों के पास अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, उन्हें प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रशासन द्वारा पूरी की जायेगी.

बताया गया है कि जिला मजिस्ट्रेट की मंजूरी मिलने के बाद बिरहोर, टोटो और सबर समुदाय के मतदाताओं का नाम बिना किसी दस्तावेज के मतदाता सूची में दर्ज किया जायेगा. पुरुलिया जिले में खेरिया सबर समुदाय के अधिकांश लोगों के पास पहले से आधार कार्ड उपलब्ध है. वहीं, बिरहोर और सबर समुदाय के जिन सदस्यों के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं हैं, उनके लिए प्रशासन यह औपचारिकता पूरी करेगा. उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बतायी जा रही है. उल्लेखनीय है कि संशोधित मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जायेगी.

गौरतलब रहे कि बिरहोर और टोटो समुदाय केंद्र सरकार की पीवीटीजी श्रेणी में आते हैं. बिरहोर समुदाय मुख्य रूप से पुरुलिया जिले के बलरामपुर, बाघमुंडी और झालदा-1 प्रखंडों में निवास करता है, जिनकी अनुमानित आबादी करीब 300 है. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार, 18 वर्ष से अधिक आयु के 181 बिरहोर मतदाता थे, जिनका नाम प्रशासन के विशेष अभियान के बाद मतदाता सूची में दर्ज किया गया था.

टोटो जनजाति मुख्य रूप से अलीपुरद्वार जिले के मदारीहाट प्रखंड के टोटोपाड़ा गांव में भूटान सीमा के समीप रहती है. उनकी कुल आबादी करीब 1700 बतायी जाती है. वहीं, लोढा सबर और खेरिया सबर समुदायों की आबादी में भी गिरावट देखी गयी है. लोढा सबर समुदाय झाड़ग्राम के सात प्रखंडों, पश्चिम मेदिनीपुर के 14 प्रखंडों और पूर्व मेदिनीपुर के एक प्रखंड में फैला हुआ है, जिनकी कुल आबादी एक लाख से अधिक बतायी जाती है. खेरिया सबर समुदाय केवल पुरुलिया जिले के 11 प्रखंडों में निवास करता है, जहां उनके 3127 परिवार हैं और कुल आबादी करीब 14,040 है, जिनमें 6950 मतदाता शामिल हैं.

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Published by: Bijay kumar

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