विधायक परेश पाल व दो पार्षदों समेत और 18 को बनाया आरोपी

भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या के मामले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक व दो पार्षदों समेत 18 अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ एसीजेएम सियालदह कोर्ट में दूसरा पूरक आरोपपत्र यानी सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर किया है.

भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या में सीबीआइ ने दायर किया पूरक आरोपपत्रआरोपियों में पार्षद स्वपन समाद्दार व पापिया घोष हैं शामिल

संवाददाता, कोलकाता

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने वर्ष 2021 में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के बाद महानगर के कांकुड़गाछी में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या के मामले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक व दो पार्षदों समेत 18 अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ एसीजेएम सियालदह कोर्ट में दूसरा पूरक आरोपपत्र यानी सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर किया है. सीबीआइ ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है. आरोपपत्र में बेलियाघाटा के विधायक व तृणमूल नेता परेश पाल, कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 58 के पार्षद स्वपन समद्दार और वार्ड नंबर 30 की पार्षद पापिया घोष समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है. कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराधों का संज्ञान लिया है.

सीबीआइ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त, 2021 के आदेश का पालन करते हुए नारकेलडांगा थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या-124/2021 (दिनांक 02.05.2021) को अपने हाथ में लेने के बाद 25 अगस्त, 2021 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की. यह मामला चुनाव बाद हिंसा से संबंधित है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या भी शामिल है. जांच के दौरान कोलकाता पुलिस ने छह अगस्त, 2021 को 15 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया था. जांच को अपने हाथ में लेने के बाद, सीबीआइ ने 30 सितंबर, 2021 को एसीजेएम सियालदह कोर्ट के समक्ष 20 आरोपियों के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र दायर किया, जिसमें कोलकाता पुलिस द्वारा पहले से आरोपित 15 लोग शामिल थे. आगे की जांच सीआरपीसी की धारा 173(8) के तहत जारी रहेगी.

2021 के विस चुनाव के बाद अभिजीत सरकार की कर दी गयी थी हत्या

गौरतलब है कि राज्य में वर्ष 2021 में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के दिन यानी दो मई, 2021 को कांकुड़गाछी इलाके में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार (30) की हत्या कर दी गयी थी. भाजपा नेताओं की ओर से सरकार की हत्या का आरोप तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया गया. हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने इसे आधारहीन करार दिया था. उक्त मामले में अभी भी चार आरोपी फरार हैं. उनके नाम सुखदेव पोद्दार उर्फ सुखा, गोपाल दास उर्फ विशाल पाल, विश्वजीत दास उर्फ बोम्पा और अमित हैं. इन चारों फरार आरोपियों के घर नारकेलडांगा थाना क्षेत्र में हैं.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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