जम्मू-कश्मीर में तैनात पैरा कमांडो की मौत, घर पहुंचा शव

अरूप विश्वास 2012 में भारतीय सेना में पैरा कमांडो के रूप में शामिल हुए थे और जम्मू-कश्मीर में तैनात थे.

नदिया जिले के शांतिपुर के रहने वाले अरूप विश्वास की मौत से परिवार सदमे में

कल्याणी. भारतीय पैरा कमांडो में कार्यरत नदिया जिले के सेना के जवान की अचानक मौत रहस्य बन गयी है. नदिया जिले के शांतिपुर के फुलिया के लालमाथ इलाके के रहने वाले अरूप विश्वास का पार्थिव शरीर ताबूत में उनके घर पहुंचा, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी. अरूप विश्वास 2012 में भारतीय सेना में पैरा कमांडो के रूप में शामिल हुए थे और जम्मू-कश्मीर में तैनात थे. सोमवार सुबह उनके परिवार को सेना की ओर से उनकी मौत की सूचना मिली. यह खबर सुनते ही परिवार सदमे में आ गया. 34 वर्षीय अरूप की मौत कैसे हुई, यह सवाल घरवालों के मन में बना हुआ है. मंगलवार की सुबह सेना के जवान अरूप विश्वास का पार्थिव शरीर लालमाथ गांव स्थित उनके घर लाया गया. गांवभर में मातम पसर गया और लोगों की आंखें नम हो गयीं. पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.

सेना ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. स्थानीय लोगों के लिए भी यह बेहद भावुक पल था. मृतक जवान के भाई सुदीप विश्वास ने बताया कि जब परिवार को फोन आया, तो किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसी दुखद खबर मिलेगी. मौत का कारण परिवार के लिए यह अब भी एक रहस्य बना हुआ है. सुदीप ने बताया कि अरूप पिछली बार दुर्गा पूजा से पहले घर आये थे और फिर ड्यूटी पर लौट गये थे. सरल स्वभाव के अरूप की अपने सहकर्मियों से काफी अच्छी बनती थी और सभी उनका सम्मान करते थे.

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By GANESH MAHTO

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