चिड़ियाघर से गायब नहीं हुआ एक भी जानवर वन विभाग की जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा

अलीपुर चिड़ियाघर से एक भी जानवर गायब नहीं हुआ है, बल्कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की रिपोर्ट में गलत जानकारी दी गयी थी.

संवाददाता, कोलकाता

अलीपुर चिड़ियाघर से एक भी जानवर गायब नहीं हुआ है, बल्कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की रिपोर्ट में गलत जानकारी दी गयी थी. वन विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया गया है. वन विभाग ने अलीपुर चिड़ियाघर से 321 जानवरों के गायब होने के आरोपों की जांच शुरू की थी. रिपोर्ट हाल ही में सौंपी गयी है.

सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की गलती का उल्लेख है. वन मंत्री बीरबाहा हांसदा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की समीक्षा कर चुकी हैं. वन विभाग के सूत्रों के अनुसार अलीपुर चिड़ियाघर द्वारा केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेजी गयी जानकारी में कोई गलती नहीं थी. इस रिपोर्ट से वन विभाग को राहत मिली है. हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी थी. बताया जा रहा है कि अलीपुर चिड़ियाघर में 672 जानवर थे. अचानक इनकी संख्या 351 हो गयी. यानी 321 जानवर गायब हो गये. ये कहां गये? एक स्वयंसेवी संस्था ने इसका पता लगाने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया. वादी संस्था ने दावा किया कि वर्ष 2023-2024 में भी 672 जानवर थे, लेकिन 2024-2025 में ये संख्या 351 हो गयी. संस्था ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील कर पिछले 10 वर्षों में हुई विभिन्न अनियमितताओं का हिसाब तलब करने की मांग की. अलीपुर चिड़ियाघर के निदेशक के तबादले के बाद वन विभाग ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू की. हालांकि वन मंत्री ने जांच रिपोर्ट पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करने से इनकार किया.

वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा : जांच रिपोर्ट संतोषजनक है. चिड़ियाघर से किसी भी जानवर के गायब होने का कोई सबूत नहीं है. अगर देश के किसी भी चिड़ियाघर में कोई भी जानवर या जीव लाया या भेजा जाता है, तो भारत सरकार के अधीन भारतीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति लेनी होती है. इसलिए चिड़ियाघर से जानवरों को दूसरी जगह ले जाना आधिकारिक तौर पर संभव नहीं है. वन विभाग द्वारा कुछ और कदम उठाये जाने के बाद ही इसकी सार्वजनिक घोषणा की जायेगी. रिपोर्ट में चिड़ियाघर के आंतरिक प्रबंधन से संबंधित कई मुद्दों का उल्लेख किया गया है. जांच समिति ने वन विभाग की निगरानी और व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी सिफारिश की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akhilesh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >