केंद्रीय मंत्री के आरोपों पर ब्रात्य का पलटवार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार पर लगाये गये आरोपों के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने एक-एक बिंदु गिनाते हुए सभी आरोपों को निराधार, असत्य और मनगढ़ंत करार दिया.

कोलकाता.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार पर लगाये गये आरोपों के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने एक-एक बिंदु गिनाते हुए सभी आरोपों को निराधार, असत्य और मनगढ़ंत करार दिया. श्री बसु ने मिड-डे मील के फंड का पार्टी कार्यों में उपयोग करने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यदि कहीं ऐसी शिकायत है, तो प्राथमिकी दर्ज करायी जा सकती है. लेकिन सरकार के संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू नहीं करने के आरोप पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में राज्य शिक्षा नीति अपनायी गयी, जिसमें स्वीकार्य प्रावधानों को शामिल किया गया है. शिक्षा समवर्ती सूची में होने के कारण राज्य अपनी नीति अपनाने के लिए अधिकृत है और राज्य की नीति अधिक उन्नत है. मातृभाषा में शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बंगाल में न केवल बांग्ला, बल्कि संथाली, राजबंशी, कामतापुरी, उर्दू, हिंदी, नेपाली समेत कई भाषाओं में शिक्षा की व्यवस्था है. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार के प्रयासों से बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाने में सफलता मिली. समग्र शिक्षा मिशन के तहत 1500 से 2000 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता को राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जोड़ने के बयान पर श्री बसु ने इसे अलोकतांत्रिक और निंदनीय बताया.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी आवश्यक शर्तें पूरी की हैं और इस संबंध में केंद्र को कई पत्र भेजे गये हैं. शिक्षक-विहीन स्कूलों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पोर्टल पर कुछ निजी सहायता प्राप्त स्कूल बंद होने के बावजूद सूची में दर्ज हैं, जिससे आंकड़ों में भ्रम पैदा हुआ है. संशोधित पोर्टल शीघ्र जारी किया जायेगा. स्कूलों में इंटरनेट सुविधा को लेकर उन्होंने दावा किया कि उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूलों में इंटरनेट उपलब्ध है और 66 प्रतिशत स्कूल कवर हो चुके हैं, शेष इस माह तक हो जायेंगे. कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डाटा साइंस को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य में पहले से कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है और उन्नत तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल है. जादवपुर विश्वविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा देने के कथित प्रस्ताव पर ब्रात्य बसु ने कहा कि राज्य सरकार को इस संबंध में कोई आधिकारिक संचार प्राप्त नहीं हुआ है.

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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