भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के पूर्व अध्यक्ष और बल्लेबाज सौरभ गांगुली ने दुबई में एशिया कप मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी क्रिकेटरों से हाथ मिलाने से इनकार करने पर चल रही बहस को दरकिनार कर दिया, लेकिन कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया में खत्म होना चाहिए. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ इस मैच में सात विकेट से जीत हासिल की.
सोशल मीडिया पर इस मैच के बहिष्कार करने की मांग की जा रही थी. दुर्गापूजा उत्सव से पहले अपने ब्रांड ‘सौराग्य’ लांच किया. उन्होंने कहा कि आपने बहुत सी चीजें होते देखी हैं, इसे भी रुकना चाहिए. लेकिन खेल नहीं रुक सकते. दुनिया भर में आतंकवाद रुकना चाहिए. गांगुली ने कहा, ‘आपको सूर्यकुमार यादव से पूछना होगा, उन्हें जवाब देना होगा. मैं बहुत दूर हूं, अपने कपड़ों के ब्रांड को लांच कर रहा हूं. उन्होंने भी इसका जवाब दे दिया है. हर किसी की अपनी बात होती है, बस.
क्रिकेट की बात करें तो गांगुली ने कहा कि वह भारत-अफगानिस्तान मैच देखना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान कहीं से अब टक्कर देने वाली टीम नहीं है. मैं यह बात पूरे सम्मान के साथ कह रहा हूं क्योंकि मैंने उनकी टीम को देखा है. इस टीम में वैसा स्तर नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘भारत क्रिकेट में पाकिस्तान और एशिया कप की किसी भी टीम से बहुत आगे है. एक-दो दिन तो ऐसे होंगे जब उन्हें हार मिलेगी, लेकिन ज्यादातर दिन भारत सर्वश्रेष्ठ टीम ही रहेगी.’
पूर्व कप्तान ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें इस एकतरफा मुकाबले से कोई हैरानी नहीं हुई. उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, ‘मैंने जो देखा उससे मैं उससे हैरान नहीं हूं. मैंने पहले 15 ओवर के बाद मैच देखना बंद कर दिया. फिर मैंने मैनचेस्टर यूनाइटेड और मैनचेस्टर सिटी (इंग्लिश प्रीमियर लीग में) मैच देखना शुरू कर दिया.’
उन्होंने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच अब कोई प्रतिस्पर्धा नहीं रही. हम पाकिस्तान को ऐसी टीम के रूप में देखते हैं जिसमें वकार यूनिस, वसीम अकरम, सईद अनवर और जावेद मियांदाद जैसे खिलाड़ी थे. लेकिन आज के पाकिस्तान के साथ ऐसा नहीं है, यह अब बिलकुल अलग है. कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है. मैं भारत को ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, श्रीलंका या अफगानिस्तान के साथ खेलते देखना पसंद करूंगा.’
गांगुली ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि भारत और पाकिस्तान में अब कोई मुकाबला है. हम इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते रहते हैं और पिछले पांच सालों से हर तरह की ‘हाइप’ बिखर गयी है. यह एकतरफा मुकाबला रहा है.’
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