निक्को पार्क : मृत किशोर के घरवाले सदमे में, पहुंचे थाने

दोस्तों के साथ निक्को पार्क घूमने गये उल्टाडांगा निवासी राहुल दास (18) की वाटर पार्क में नहाते समय अचानक बीमार होकर हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने निक्को पार्क प्रबंधन के खिलाफ विधाननगर दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज करायी है.

संवाददाता, कोलकाता

दोस्तों के साथ निक्को पार्क घूमने गये उल्टाडांगा निवासी राहुल दास (18) की वाटर पार्क में नहाते समय अचानक बीमार होकर हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवार ने निक्को पार्क प्रबंधन के खिलाफ विधाननगर दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज करायी है. मृतक के पिता सत्यजीत दास ने आरोप लगाया है कि निक्को पार्क प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही जान गयी है. अगर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी. वहां एंबुलेंस नहीं थी. एम्बुलेंस आने में देरी हुई. यहां तक कि राहुल के साथ मौजूद दोस्तों को उपचार तक नहीं करने दिया गया. वहां ऑक्सीजन तक के इंतजाम नहीं थे. घटनास्थल को घेराबंदी तक नहीं किया गया. परिजनों का कहना है कि पुलिस ने भी इस मामले में लापरवाही की है. इसे लेकर पीड़ित परिवार हाइकोर्ट जायेगा.

निक्को पार्क प्रबंधन ने किया आरोपों को खारिज : इधर, निक्को पा���्क के अधिकारियों ने सारे आरोप को खारिज किया है. उनका कहना है कि सारे इंतजाम तत्परता से किये गये. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. राहुल के पिता सत्यजीत दास का कहना है कि राहुल का सपना था कि वह इंजीनियर बनकर विदेश में जॉब करने जायेगा. लेकिन बेटा बाद में यह सोच कर विदेश या दूसरे राज्य नहीं गया कि माता-पिता अकेले हो जायेंगे. आज एक घटना ने हमारे इकलौते चिराग को छिन लिया. घटना से परिवार वाले सदमे में हैं. राहुल के पिता का कहा कि वह है कि उसने आइसीएससी बोर्ड से 88 प्रतिशत अंकों से पास किया. फिर उसे एहसास हुआ कि अगर वह विदेश में काम करने गया, तो उसके माता-पिता अकेले रह जायेंगे. इसलिए उसने कॉमर्स के साथ हायर सेकेंडरी में दाखिला लिया. 89 प्रतिशत अंकों के साथ उच्च माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण हुआ और फिर बीबीए के लिए एक निजी विश्वविद्यालय में दाखिला लिया. एमबीए पास करके उसे अपने पिता के कपड़ों के व्यवसाय को संभालने की इच्छा थी. लेकिन सब सपना अधूरा रह गया.

मालूम हो कि बुधवार को राहुल अपने दोस्तों संग निक्को पार्क गया था. वहां वाटर पार्क में ””नियाग्रा फॉल्स”” के पास ही नहाते समय अचेत हो गया था. उसकी पल्स रेट कम थी. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया. मालूम हो कि 2012 में भी निको पार्क में एक जॉयराइड के गिरने से 15 पर्यटक घायल हो गये थे.

उस समय भी जॉयराइड के रखरखाव को लेकर सवाल उठे थे.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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