कोलकाता.
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया के दूसरे चरण में चल रही सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग द्वारा 10वीं यानी माध्यमिक के एडमिट कार्ड को अमान्य घोषित किये जाने के बाद कई मतदाताओं की परेशानी बढ़ गयी है. बड़ी संख्या में लोगों ने सुनवाई के समय दस्तावेज के रूप में केवल माध्यमिक का एडमिट कार्ड ही जमा किया था, जिसे अब स्वीकार नहीं किया जायेगा. ऐसे मतदाताओं के लिए आयोग ने नयी गाइडलाइंस जारी की है. जानकारी के अनुसार नो मैपिंग या गणना फॉर्म में दर्ज विवरण में गड़बड़ी पाये जाने पर जिन मतदाताओं ने सुनवाई के दौरान दस्तावेज के तौर पर सिर्फ माध्यमिक का एडमिट कार्ड दिया है, उन्हें अब नया वैध दस्तावेज जमा करना होगा. वे स्वयं सुनवाई केंद्र पर जाकर नया दस्तावेज जमा कर सकते हैं या फिर अपने संबंधित बीएलओ को वाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज भेज सकते हैं. इसके लिए पहले बीएलओ से संपर्क करना आवश्यक होगा.नया दस्तावेज प्राप्त होने के बाद चुनाव आयोग उसकी जांच करेगा. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग पहचान और पते के प्रमाण के रूप में माध्यमिक का एडमिट कार्ड जमा कर रहे थे. इसे मान्य कराने के लिए सीइओ कार्यालय से आयोग को अनुरोध भी भेजा गया था, लेकिन आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया और एडमिट कार्ड को अमान्य घोषित कर दिया.पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मीरतन सुनवाई के लिए पहुंचे
पूर्व भारतीय क्रिकेटर, पूर्व खेल राज्यमंत्री व बंगाल क्रिकेट टीम के कोच लक्ष्मीरतन शुक्ला शनिवार को एसआइआर के तहत सुनवाई के लिए पहुंचे. मौके पर उन्होंने कहा कि उन्हें सात जनवरी को नोटिस मिला था. उनके पिता का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं था. शायद इसीलिए उन्हें बुलाया गया. उनकी पत्नी को छोड़कर उनके भैया और पिता को भी बुलाया गया है. पिता बीमार होने की वजह से नहीं आ पाये हैं. उन्हें चुनाव आयोग और भारतीय संविधान पर पूरा भरोसा है. एसआइआर देश की तरक्की के लिए किया जा रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
