कोलकाता.
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपने लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर से बाहर पहली बार ‘सेवाश्रय शिविर’ आयोजित करने का फैसला किया है. यह शिविर पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में लगाया जायेगा, जो राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का विधानसभा क्षेत्र है. राजनीतिक रूप से अहम माने जा रहे इस कदम को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, 15 जनवरी से नंदीग्राम के दो ब्लॉकों में सेवाश्रय शिविर की शुरुआत होगी. यह शिविर सात से 10 दिनों तक चल सकता है. अभिषेक बनर्जी स्वयं भी शिविर में शामिल होंगे, हालांकि उद्घाटन के दिन या बाद में किसी जनसभा के आयोजन को लेकर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है. गौरतलब रहे कि सेवाश्रय परियोजना की शुरुआत पहले डायमंड हार्बर में हुई थी, जहां कोविड काल के दौरान इसे व्यापक सफलता मिली थी. राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए इन शिविरों में पहुंचे थे. इसी सफलता के बाद नंदीग्राम क्षेत्र से भी लंबे समय से ऐसे शिविर की मांग उठ रही थी. तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इस जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से सीधे आम लोगों तक पहुंच बनायी जा सकती है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नंदीग्राम में सेवाश्रय शिविर लगाने का निर्णय केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्पष्ट राजनीतिक संकेत भी निहित हैं.उल्लेखनीय है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में इसी नंदीग्राम सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा था. अब अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस इस क्षेत्र में दोबारा संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है.
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