नाम व एपिक नंबर एक, लेकिन तस्वीर अलग, प्रशासन से की गयी शिकायत

जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर देशभर में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है, इस बीच बंगाल में भी कई फर्जी वोटर कार्ड के मामले सामने आये है.

बनगांव. जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर देशभर में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है, इस बीच बंगाल में भी कई फर्जी वोटर कार्ड के मामले सामने आये है. इसी क्रम में उत्तर 24 परगना के गाइघाटा ब्लॉक के सुतिया तेघरिया इलाके के 119 नंबर बूथ के निवासी परिमल दास ने आरोप लगाया है कि उनके नाम और एपिक नंबर का इस्तेमाल करके किसी ने फर्जी वोटर कार्ड बनाया है, जिस कारण से वह विगत कई वर्षों से मतदान नहीं कर पा रहे हैं. इसे लेकर उन्होंने गाइघाटा थाने में और बीडीओ के पास शिकायत दर्ज करायी है. परिमल दास ने शिकायत की है कि वह पिछले कई वर्षों से वोट नहीं दे पाये हैं. उन्हें हर बार यही बताया जाता है कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, लेकिन वह वोट क्यों नहीं दे सकते? एसआइआर मुद्दे पर 2002 की मतदाता सूची की जांच की जा रही है. इसी बीच पता चला कि दूसरे इलाके में भी परिमल के नाम का ही एपिक नंबर है, लेकिन तस्वीर किसी और की है. पेशे से दिहाड़ी मजदूर परिमल दास का नाम, पिता का नाम और मतदाता संख्या सब कुछ समान है लेकिन तस्वीर अलग है. यह वोटर कार्ड बारासात लोकसभा के राजारहाट न्यूटाउन विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 102 में पाया गया है. उस बूथ की मतदाता सूची के क्रमांक 413 में भी वही नाम से वोटर कार्ड है. परिमल दास का कहना है कि उन्होंने कभी अपने पते के स्थानांतरण के लिए भी आवेदन ही नहीं किया, फिर उनका नाम वहां कैसे गया? न ही उनका कोई रिश्तेदार उस इलाके में है. उनका कहना है कि इस मामले की सूचना उन्होंने पहले भी कई बार आयोग को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. गाइघाटा के तृणमूल नेता अभिजीत विश्वास ने कहा है कि चुनाव आयोग की लापरवाही से ऐसा हुआ है.

इधर, मामला सामने आने के बाद बीडीओ ने सारे दस्तावेजों के साथ व्यक्ति को मिलने को कहा है. पूरे मामले की जांच की जा रही है.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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