यात्री सुरक्षा के लिए लूप लाइनों का आधुनिकीकरण

सियालदह मंडल में 59 करोड़ रुपये की लागत से 60 स्टेशनों की लूप लाइनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है

श्रीकांत शर्मा, कोलकाता

पूर्व रेलवे यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने चारों मंडलों – सियालदह, हावड़ा, आसनसोल और मालदा में लूप लाइनों का आधुनिकीकरण कर रहा है. इसके तहत स्टेशनों पर उन्नयन कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें उन्नत रखरखाव, बेहतर सिग्नलिंग और निगरानी सिस्टम शामिल हैं. सियालदह मंडल में 59 करोड़ रुपये की लागत से 60 स्टेशनों की लूप लाइनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिसमें मशीन पैकिंग, गिट्टी की सफाई और वेल्डिंग शामिल हैं. 13 स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है और शेष दिसंबर 2025 तक पूरा हो जायेगा. मंडल लेवल क्रॉसिंग खत्म करने, फेंसिंग लगाने, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा प्रशिक्षण पर भी ध्यान दे रहा है. हावड़ा मंडल में 102 में से 74 स्टेशनों पर लूप लाइनों को मेनलाइन मानकों के अनुसार अपग्रेड किया गया है. रेलवे बोर्ड ने इसके लिए 274 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं और अक्टूबर 2025 तक सभी लूप लाइनों के आधुनिकीकरण का लक्ष्य है. आसनसोल मंडल में 40 प्रमुख स्टेशनों की लूप लाइनों के उन्नयन के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 260 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं.

क्या है लूप लाइन

लूप लाइनें मुख्य लाइन से जुड़ी अतिरिक्त लाइनें होती हैं, जिनका उपयोग ट्रेनों को स्टेशन पर खड़ा करने या मुख्य लाइन पर अन्य ट्रेनों को पास देने के लिए किया जाता है. इनकी लंबाई लगभग 750 मीटर होती है. ओडिशा के बालासोर हादसे के बाद लूप लाइनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

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Published by: Ganesh mahto

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