एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल पर लग सकती है रोक

एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोकने के लिए राज्य स्तर पर ‘स्टेट एंटीबायोटिक एक्शन प्लान’ तैयार किया जायेगा. इस राज्य-स्तरीय एक्शन प्लान के ड्राफ्ट तैयार करने के लिए इसी महीने सात तारीख को स्वास्थ्य विभाग में एक हाई-लेवल बैठक बुलायी गयी है.

कोलकाता.

एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोकने के लिए राज्य स्तर पर ‘स्टेट एंटीबायोटिक एक्शन प्लान’ तैयार किया जायेगा. इस राज्य-स्तरीय एक्शन प्लान के ड्राफ्ट तैयार करने के लिए इसी महीने सात तारीख को स्वास्थ्य विभाग में एक हाई-लेवल बैठक बुलायी गयी है. इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ राज्य सरकार के संबंधित अलग-अलग विभागों के अधिकारी भी शामिल होंगे. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ पशुपाल व फिशरीज, पर्यावरण, वन सह अन्य विभाग के अधिकारी गण शामिल होंगे. इस बैठक के संबंध में निगम के एक अधिकारी ने बताया कि मच्छरों को नियंत्रित करने के लिए वैसे इलाकों का पहचान कर जलाशयों में गप्पी मछली पालन पर जोर दिया जायेगा. इसलिए पशुपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारियों को भी इस बैठक में बुलाया गया है. गौरतलब है कि राज्य पिछले एक साल से एंटीबायोटिक और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने में एक्टिव है. यह पता चला है कि कुछ एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध इस्तेमाल इंसानों के लिए खतरनाक होता जा रहा है. इसके साथ ही नयी पॉलिसी में इस बारे में भी गाइडलाइंस तैयार की जायेगी, ताकि हॉस्पिटलों के इनडोर व आउटडोर या आइसीयू में किन हालात में कौन-सी एंटीबायोटिक्स इस्तेमाल की जा सकती है. इसमें यह भी बताया जायेगा कि किन मामलों में एंटीबायोटिक्स को कंट्रोल करने की जरूरत है.

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Published by: Bijay kumar

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