कोलकाता.
राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले गुरुवार को राज्य सचिवालय नबान्न भवन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यहां मतदाता सूची के लिए जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया के दौरान मारे गये लोगों के परिवार के एक-एक सदस्य को होमगार्ड की नौकरी देने का फैसला लिया है. गौरतलब है कि राज्य में एसआइआर लागू होने के बाद से ही बड़ा मुद्दा बना हुआ है. राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दबाव के कारण कई लोगों की मौत हुई है. इतना ही नहीं, कई बीएलओ व आम लोगों ने खुदकुशी भी की है. जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से उनकी एक सूची बनायी गयी है, जिसमें 61 लोगों के नाम हैं. गुरुवार को कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि जिन लोगों की कम उम्र में मौत हो गयी है या जो परिवार में एक मात्र आमदनी करने वाले शख्स थे, उनके परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जायेगी. बताया गया है कि इस तालिका में 61 लोगों के नाम रजिस्टर किये गये हैं, जिनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जायेगी.विद्यालयों के विकास पर खर्च होंगे 2500 करोड़, 430 ब्लॉक में बनेगा मॉडल स्कूल : गुरुवार को कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी स्कूलों के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. बताया गया है कि राज्य के सरकारी स्कूलों को विश्वस्तर का बनाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की गयी है. गुरुवार को कैबिनेट बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल अब शिक्षा के क्षेत्र में देश में सबसे आगे है. उस स्थिति को और मजबूत करने के लिए, राज्य ने ””स्कूल क्वालिटी इम्प्रूवमेंट”” प्रोजेक्ट शुरू किया है. एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) इस प्रोजेक्ट की कुल लागत का 70 प्रतिशत राशि खर्च करेगा. मंत्री ने बताया कि राज्य के 430 ब्लॉक में से हर एक में कम से कम एक ””मॉडल स्कूल”” बनाया जायेगा, जबकि पिछड़े ब्लॉक में दो मॉडल स्कूल बनाये जायेंगे. उन्होंने कहा कि इस डेवलपमेंट का मकसद सिर्फ चूना-भट्टियों तक ही सीमित नहीं रहेगा. यहां बेहतर शिक्षण पद्धति के साथ-साथ स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लाइब्रेरी और सैनेटरी सिस्टम पर भी जोर दिया जायेगा. पूरे मामले पर एक स्पेशल मॉनिटरिंग टीम नजर रखेगी.
पंचायत मंत्री बोले- किसानों से 9.50 रुपये प्रति किलो दर से आलू खरीदेगी सरकार : वहीं, कैबिनेट बैठक में आलू किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. बताया कि आलू की ज्यादा पैदावार की वजह से आलू की खेती करने वाले किसान बाजार में उपज की कीमत गिरने से परेशान थे. किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने अब सीधे किसानों से आलू खरीदने का फैसला किया है. संवाददाता सम्मेलन में राज्य के ग्रामीण विकास पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर, राज्य 2025-26 सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से आलू खरीदेगा. यह प्रोसेस पहले भी पांच बार सफलतापूर्वक किया जा चुका है. पंचायत मंत्री की घोषणा के मुताबिक, सरकार अगले मार्च की शुरुआत से 9.50 रुपये प्रति किलो की दर से आलू खरीदना शुरू करेगी. राज्य सरकार के हस्तक्षेप से खुदरा बाजार में आलू की कीमत नियंत्रित रहेगी और छोटे किसानों को लाभ होगा.