मुख्य बातें
Banglar Bari: कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार की नयी सरकार ममता बनर्जी के कार्यकाल में शुरू हुई ‘बांग्लार बाड़ी (ग्रामीण)’ योजना की समीक्षा करेगी. इसके साथ ही सरकार ने इस योजना के तहत लाभार्थियों की पात्रता की दोबारा जांच कराने का बड़ा फैसला किया है. सरकार को लगातार आम नागरिकों, मीडिया और विभिन्न स्रोतों से शिकायतें मिल रही थीं कि इस योजना का लाभ कई अपात्र लोगों को भी दिया गया है. कुछ मामलों की जांच में आरोप सही पाये गये, जिसके बाद संबंधित लोगों से राशि की वसूली भी की गयी.
दो चरणों में होगी जांच
इसी के मद्देनज़र अब सरकार ने योजना के दोनों चरणों के उन सभी लाभार्थियों का पुनः सत्यापन कराने का निर्देश दिया है, जिन्हें कम से कम एक किस्त जारी की जा चुकी है. संबंधित अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर जांच करायें, ताकि लाभार्थी सूची में एक भी अपात्र व्यक्ति न रह जाये. निर्देश में यह भी कहा गया है कि जांच अधिकारी एसआइआर-2026 की एएसडीडी सूची का भी मिलान करेंगे और अपनी रिपोर्ट में उसका उल्लेख करेंगे, ताकि प्रशासन आगे आवश्यक कार्रवाई कर सके.
मोबाइल एप्लीकेशन में एक अलग मॉड्यूल शुरू
इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन में एक अलग मॉड्यूल शुरू किया जा रहा है. इस संबंध में 25 मई 2026 की शाम 6 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक प्रदर्शन एवं समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी. जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि इस बैठक में संबंधित एडीएम, डीएनओ और तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया जाये.
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30 मई तक पूरी करनी है जांच
उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार पूरे पुनः सत्यापन का काम 30 मई 2026 तक हर हाल में पूरा करना होगा. इसके लिए प्रशासन को संसाधनों और जनशक्ति की पूरी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है. साथ ही, उप-मंडल और ब्लॉक स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी, ताकि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा हो सके.
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