हावड़ा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को आश्वासन दिया था कि 15 अगस्त 2022 तक देश का हर गांव खुले में शौचालय से मुक्त होगा, हर गरीब को पक्का मकान, बिजली, पेयजल, उज्ज्वला गैस और शौचालय उपलब्ध कराया जायेगा. लेकिन पंचायत, ग्रामीण विकास व सहकारिता विभाग मंत्री प्रदीप कुमार मजूमदार ने कहा कि प्रधानमंत्री के ये सभी आश्वासन जुमला साबित हुए हैं. बुधवार को हावड़ा के शरत सदन में विश्व शौचालय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री मजूमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वादे नहीं, बल्कि काम करती हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 11 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराया है. इसके साथ ही सूचीबद्ध लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए एक लाख बीस हजार रुपये की सहायता राशि भी दी गयी है.निर्मल बांग्ला अभियान के तहत घरों के अलावा विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कम्युनिटी शौचालय बनाये गये हैं. कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि पंचायत एंड रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के निर्देशन में हावड़ा जिला प्रशासन और जिला परिषद के संयुक्त प्रयास से हावड़ा जिले में 23 हजार घरों में शौचालय बनाये गये. बाद में लगभग 11 सौ घरों में अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण हुआ.
उन्होंने बताया कि 2014 में निर्मल बांग्ला अभियान शुरू होने के बाद राज्य में शौचालय निर्माण में तेजी आयी और लोगों में खुले में शौच त्याग न करने के प्रति जागरूकता बढ़ी. कूचबिहार, मुर्शिदाबाद और हुगली जिले इस अभियान में अग्रणी रहे हैं. वर्ष 2019 तक राज्य के सभी जिले खुले में शौच से मुक्त हो चुके थे.कार्यक्रम में पंचायत, ग्रामीण विकास व सहकारिता विभाग के सचिव डॉ पी उल्गानाथन, हावड़ा की जिलाधिकारी डॉ दीपाप प्रिया, जिला परिषद की सभाधिपति कावेरी दास, सांकराइल की विधायक प्रिया पाल, उलबेड़िया उत्तर के विधायक निर्मल माझी, जगतबल्लभपुर के विधायक सीतानाथ घोष और जिला परिषद के सह सभाधिपति अजय भट्टाचार्य उपस्थित थे.
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