बंगाल में कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित करने पर भी ममता ने की राजनीति : विजयवर्गीय

पश्चिम बंगाल में कोरोना को लेकर ममता सरकार और भाजपा में टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना संक्रमण के मामले, मृत्यु और जोन के बंटबारे को लेकर बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार में खुलकर टकराव व मतभेद सामने आ चुके हैं. रविवार को कोविड अस्पतालों पर सेना के जवानों द्वारा हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा पर भी राजनीति हावी रही.

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोरोना को लेकर ममता सरकार और भाजपा में टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना संक्रमण के मामले, मृत्यु और जोन के बंटबारे को लेकर बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार में खुलकर टकराव व मतभेद सामने आ चुके हैं. रविवार को कोविड अस्पतालों पर सेना के जवानों द्वारा हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा पर भी राजनीति हावी रही.

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राज्य सरकार ने बंगाल में वायु सेना को कोविड अस्पतालों पर पुष्प वर्षा की अनुमति नहीं दी. भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया : सेना के जहाजों की पश्चिम बंगाल सरकार के बेलियाघाटा आइडी अस्पताल पर फ्लाईपास्ट की योजना थी, लेकिन शायद ममता जी को यह मंजूर नहीं था. स्वीकृति न मिलने पर चित्तरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट पर फ्लाईपास्ट हुआ, जिसके लिए कोई राज्य सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं थी. कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित करने पर भी ममता जी को राजनीति की नजर आयी.

उन्होंने कहा : कोरोना वारियर्स के प्रति आभार जताते हुए हेलीकॉप्टर से देश के विभिन्न अस्पतालों में फूल बरसाये गये. ये सिर्फ फूल नहीं, वो सद्भाव हैं, जो स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति व्यक्ति किया गया है. इस महामारी में डॉक्टर, नर्स, सफाईकर्मी, पुलिस, होमगार्ड, डिलीवरी ब्वॉय और मीडिया सरकार का संदेश जनता तक पहुंचा रहे हैं कि मुश्किल समय में भी जिंदगी को कैसे बचाकर रखना है. उनके प्रति फूल बरसाकर आभार जताया गया.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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