वकील के गाउन में अदालत पहुंचीं ममता बनर्जी, बंगाल चुनाव 2026 के बाद हिंसा पर सरकार को घेरा

Mamata Banerjee in Calcutta High Court: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को वकील के गाउन में कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं. उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही कथित हिंसा के मामले में खुद दलीलें पेश कीं. जानें दीदी के इस बड़े कानूनी कदम की पूरी इनसाइड स्टोरी.

Mamata Banerjee in Calcutta High Court: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बृहस्पतिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सबको हैरान कर दिया. राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ‘वकील’ के अवतार में नजर आयीं. बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही कथित हिंसा और टीएमसी कार्यालयों पर हमलों के विरोध में ममता बनर्जी खुद कलकत्ता हाईकोर्ट में दलील देने पहुंचीं. काले गाउन में ममता बनर्जी के साथ टीएमसी के दिग्गज नेता और वकील कल्याण बनर्जी और चंद्रिमा भट्टाचार्य भी मौजूद थे.

कार्यकर्ताओं के हक के लिए खुद संभाली कमान

तृणमूल कांग्रेस की ओर से वकील शीर्षन्या बंद्योपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने काले कोर्ट में अपना पक्ष रखा. याचिका में दावा किया गया है कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राज्य भर में टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है.

ममता बनर्जी ने कोर्ट में दी ये दलीलें

ममता बनर्जी ने दलील दी कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों से निकाल दिया गया है और पार्टी दफ्तरों पर कब्जे किये जा रहे हैं. टीएमसी ने इसे नफरत की राजनीति बताते हुए कहा कि उनकी अध्यक्ष एक बार फिर सच और न्याय के लिए मैदान में उतरी हैं.

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Mamata Banerjee in Calcutta High Court: मुख्य न्यायाधीश की बेंच में हुई सुनवाई

मामला मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन की खंडपीठ के सामने आया. मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद ममता बनर्जी का इस तरह अदालत में पेश होना दर्शाता है कि वे विपक्ष की भूमिका में बेहद आक्रामक रहने वाली हैं.

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टीएमसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी पर साधा निशाना

टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके कहा कि ममता बनर्जी ने साबित कर दिया है कि वे बंगाल के लोगों को जरूरत के समय कभी अकेला नहीं छोड़तीं. ममता बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि सत्ताधारी दल के दबाव में कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है.

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दीदी का संदेश- संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ

तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी की इस पेशी को साहस और दृढ़ता का प्रतीक बताया है. पार्टी का कहना है कि जब भाजपा का बेलगाम बर्ताव बढ़ रहा है, तब ममता बनर्जी का खुद कोर्ट में खड़ा होना कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाला है. याचिका 12 मई को दायर की गयी थी. इसमें राज्य में बढ़ती हिंसा पर लगाम लगाने और प्रभावित कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देने की मांग की गयी है.

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