डिजिटल अरेस्ट का डर दिखा एक करोड़ वसूलने वाले नौ दोषियों को उम्रकैद

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक व्यक्ति से एक करोड़ रुपये ठगने के आरोप में सीआइडी की टीम के साथ मिलकर कल्याणी साइबर क्राइम शाखा की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर इससे जुड़े नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था.

देश के साइबर अपराध के इतिहास में पहली बार ऐसे आरोपियों को मिली इतनी कठोर सजा

कल्याणी के एक सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक से की गयी थी लगभग एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी

संवाददाता, कोलकाताडिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक व्यक्ति से एक करोड़ रुपये ठगने के आरोप में सीआइडी की टीम के साथ मिलकर कल्याणी साइबर क्राइम शाखा की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर इससे जुड़े नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था. अदालत में सुनवाई के दौरान सभी को दोषी करार देने के बाद शुक्रवार को सभी नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी है. कल्याणी उपजिला न्यायालय ने इनके लिए सजा का ऐलान किया है. देश के इतिहास में यह पहला मामला है, जिसमें साइबर अपराधियों को इतनी कठोर सजा सुनायी गयी है. अदालत सूत्रों के मुताबिक पिछले साल कल्याणी साइबर अपराध पुलिस को कल्याणी के एक सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक से लगभग एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत मिली थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुआ है. साइबर अपराधियों ने डर दिखाकर किस्तों में उससे करोड़ों रुपये की ठगी की थी. जांच के दौरान कल्याणी साइबर क्राइम शाखा की टीम ने छह नवंबर को इस मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किये गये लोग राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात के निवासी बताये गये हैं. इनमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस ने एक महीने तक अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के बाद इन्हें गिरफ्तार किया था. इनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, पैन कार्ड और कई दस्तावेज बरामद हुए थे.इस मामले में सीआइडी मुख्यालय भवानी भवन में शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें सीआइडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि जालसाजों ने देश के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी की है. पुलिस को यह भी पता चला कि यह पैसा विदेश भेजा गया था. जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि इस गिरोह का मुखिया कंबोडिया में है. सारी जानकारी हासिल करने के बाद, पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ 2,000 पन्नों का आरोप पत्र पेश किया. बाकी चार को दूसरे मामले में आरोपी बनाया गया. इसके बाद अदालत में सुनवाई चलने के बाद गुरुवार को सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया गया. शुक्रवार को सभी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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