कोलकाता : कोई बेदखली नहीं. कॉलेज स्ट्रीट का कायाकल्प किया जाएगा. यह बात शुभेंदु अधिकारी की सरकार में शहरी विकास एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्र पाल ने कॉलेज स्ट्रीट के दुकानदारों से कहा है. उन्होंने कहा कि कॉलेज स्ट्रीट का पूर्ण कायाकल्प किया जाएगा. कॉलेज स्ट्रीट के दुकानदारों में योजना को लेकर पैदा हुए भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए खुद अग्निमित्रा पॉल ने कॉलेज स्ट्रीट का दौरा किया और वहां के दुकानदारों से बात की.
सजाने के नाम पर बेदखल करने की कोशिश
भ्रमण के दौरान एक पुस्तक विक्रेता ने अग्निमित्रा पॉल से कहा- सरकार ने कहा था कि इसे अच्छे से सजाएंगे. सरकार सबकी राय मांगेगी. ये जगह वापस नहीं ली जाएंगी. जो जहां हैं वहीं रहेंगे, बस इसे सजाएंगे. यह खूबसूरत होगा. दूसरे दुकानदार ने कहा- यह खूबसूरत होना ही चाहिए. हम सब यही चाहते हैं, लेकिन, हमें धोखा मत दीजिए. हमें इस नाम पर बेदखल मत कीजिए.
सड़क के दोनों तरफ होगा बदलाव
दरअसल, अधिकारियों की ओर से दी गयी जानकारी के बाद दुकानदारों में चिंता पैदा हो गयी है. बताया गया है कि वहां स्थित किताबों की दुकानों को स्थानांतरित करने की योजना है. हालांकि, फिलहाल मुख्य कॉलेज स्ट्रीट सड़क में कोई बदलाव नहीं किया गया है. मंत्री ने भी दुकानदारों को आश्वासन दिया है कि किसी को यहां से बेदखल नहीं किया जायेगा. मंत्री ने कहा कि पूरे रास्ते को व्यवस्थित किया जाना है.
सुबह सात बजे पहुंची मंत्री
शहरी विकास एवं शहरी विकास मंत्री बुधवार सुबह 7 बजे बोइपारा पहुंचीं. कोलकाता नगर निगम की नगर आयुक्त स्मिता पांडे और अधिकारियों ने कॉलेज स्ट्रीट के पूरे इलाके का दौरा किया. इलाके का दौरा करते हुए उन्होंने राहगीरों से बातचीत की. उन्हें सड़क पर खड़े होकर अधिकारियों से कॉलेज स्ट्रीट के सौंदर्यीकरण के बारे में चर्चा करते देखा गया.
वाहन निषेध क्षेत्र होगा कॉलेज स्ट्रीट
कॉलेज स्ट्रीट का एक हिस्सा वाहन निषेध क्षेत्र होगा. वहां गाड़ियां नहीं चलेंगी और हॉर्न भी नहीं बजाए जा सकेंगे. पुस्तक प्रेमियों को इस क्षेत्र में साइकिल चलाने की सुविधा मिलेगी. इस संबंध में अग्निमित्रा ने कहा- कोई भी साइकिल लेकर नहीं आएगा. सभी को यहां से साइकिल ले जानी होगी और जो पैदल चलना चाहते हैं, वे पैदल चलेंगे. बुजुर्गों के लिए बैटरी से चलने वाली गाड़ियां उपलब्ध होंगी.
राज्य सरकार की क्या है योजना
नगर एवं शहरी विकास मंत्री ने कहा-कॉलेज स्ट्रीट किताबों का इलाका है. यहां केवल किताबों की दुकानें होंगी. नोटपैड की दुकानें होंगी. नोटबुक की दुकानें होंगी. यह एक वाहन निषेध क्षेत्र होगा. यहां कैफे होंगे. किताबें पढ़ने के लिए बेंच होंगी. यहां बिल्कुल भी शोर नहीं होगा. इसीलिए इसे वाहन निषेध क्षेत्र बनाया जा रहा है. हालांकि, मैं अभी मुख्य कॉलेज स्ट्रीट को नहीं छूऊंगी, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण यातायात क्षेत्र है.
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कोई दुकान बंद नहीं होगी
मंत्री अग्निमित्रा ने कहा-इस सड़क पर कोई अन्य दुकानें नहीं हैं. मैं रेलिंग दिखाना चाहती हूं. यहां कुछ दुकानदारों को स्टॉल नहीं है. जिनके पास किताबों का स्टॉल नहीं है, हम उन्हें स्टॉल देंगे. दूसरी जगह स्थानांतरित करेंगे. मैं उनके लिए डिज़ाइन वाला स्टॉल बनाऊंगी. मैं उस जगह को सुंदर बनाऊंगी. अभी यह नीले रंग का डिब्बा है, कुछ के पास गहरे नीले रंग का डिब्बा है, कुछ के पास लाल रंग का. मुझे यह नहीं चाहिए. मैं इसे सुंदर बनाऊँगी. बिल्कुल विदेशों की तरह.
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