मुख्य बातें
Kolkata Municipal Corporation: कोलकाता: बाबू बागान जल परियोजना के उद्घाटन में आए राज्य मंत्री जावेद खान ने जल कर को लेकर पूर्व वामपंथी मंत्री पर हमला बोला. अपने भाषण में जावेद अहमद खान ने स्थानीय पार्षद मधु चंदा देब के काम की प्रशंसा की, लेकिन व्यंग्य करने से भी परहेज नहीं किया. उन्होंने कहा, क्या आप अपने युग के कार्यों और हमारे युग के कार्यों के बीच का अंतर समझते हैं. क्या आप जानते हैं कि विकास कैसे किया जाना चाहिए. विकास को सही ढंग से करने वाले केवल हम ही हैं. हालांकि, सीपीएम पार्षद ने मंच पर बिल्कुल भी प्रतिक्रिया नहीं दी. उन्होंने जावेद के बयान को हंसकर टाल दिया.
वामपंथी दलों ने लाया था प्रस्ताव
कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने एक कदम आगे बढ़कर कहा- उस समय राज्य में वामपंथी सरकार थी. कोलकाता नगर पालिका में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में थी. पेयजल पर कर लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन हमारी वर्तमान मुख्यमंत्री और तत्कालीन तृणमूल नेता ममता बनर्जी ने इस कर को लागू नहीं होने दिया. आज भी जल कर लागू नहीं है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस हमेशा सक्रिय रहती है, ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो. उस वक्त मंच पर मौजूद सीपीआई पार्षद मधुचंदा देब, पूर्व सीपीआई पार्षद मौसमी घोष और पूर्व वामपंथी मंत्री श्रीकुमार मुखर्जी हंसते रहे.
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तृणमूल की ओर से आया था प्रस्ताव
पूर्व वामपंथी मंत्री श्रीकुमार मुखर्जी को जब बोलने का मौका मिला तो उन्होंने कहा- फिरहाद हकीम ने अंतर स्पष्ट किया, क्योंकि तत्कालीन मेयर सुब्रता मुखर्जी ने स्वयं जल कर का प्रस्ताव रखा था, न कि वामपंथियों ने. उन्होंने बिना कुछ जाने-समझे बहुत सी बातें कह दीं. इलाके के वामपंथी पार्षद ने कहा- मुझे पता था कि कमियां होंगी, लेकिन हमने 34 वर्षों में जो नींव रखी है, जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों का फल अब मिल रहा है. वे इतनी प्रगति इसलिए कर पा रहे हैं, क्योंकि वामपंथी लोगों ने 34 वर्षों में वह जमीन तैयार की थी.
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