कोलकाता से श्रीकांत शर्मा की रिपोर्ट
देश की पहली अंडर वाटर मेट्रो ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के साल्ट लेक स्थित सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पिलर में दरार की खबर सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. बुधवार को दरार दिखने के बाद यात्रियों में दहशत फैल गयी. कोलकाता मेट्रो रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. आनन-फानन में मेट्रो के चीफ इंजीनियरों मौके पर पहुंचे जांच शुरू की.
मुख्य ढांचे को कोई खतरा नहीं
मुख्य अभियंता ने स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की एक टीम और जनरल कंसल्टेंट के प्रतिनिधियों के साथ साइट का दौरा किया. मेट्रो ने स्पष्ट किया कि यह दरार से मेट्रो के बाहरी हिस्से (क्लैडिंग) में है और मुख्य ढांचे को कोई खतरा नहीं है. शुरुआती जांच के बाद स्टेशन और मेट्रो लाइन में परिचालन चालू है. खबर लिखे जाने तक सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर जांच कर रहे हैं. सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन ईस्ट वेस्ट मेट्रो के बंगाल केमिकल और सेंट्रल पार्क मेट्रो स्टेशन के बीच है. जांच में सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन का मुख्य संरचना एकदम सुरक्षित पाई गई है.
संचालन या सुरक्षा को कोई खतरा नहीं
यह भी देखा गया है कि दरार मुख्य रूप से एस्केलेटर शाफ्ट को घेरने के लिए बनायी गयी दीवार की ऊपरी सतह पर ही है. नतीजतन, संचालन या सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है. इससे यात्रियों की आवाजाही को किसी प्रकार का खतरा नहीं है. हालांकि अत्यधिक सावधानी से, दरार के मूल कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है. जांच के निष्कर्ष के आधार पर जल्द से जल्द उचित मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा.
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कवि सुभाष मेट्रो स्टेशन पर भी देखी गयी थी दरार
एक साल पहले, देश की पहली भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर ( ब्लू लाइन ) के कवि सुभाष मेट्रो स्टेशन पर भी ऐसी ही घटना हुई थी. प्लेटफॉर्म के पिलर्स में दरारें देखी गई थी. जैसे ही यह मामला सामने आया, मेट्रो अधिकारियों ने तुरंत कवि सुभाष मेट्रो स्टेशन बंद कर दिया. बाद में, टेस्टिंग के बाद यह तय किया गया कि प्लेटफॉर्म को पूरी तरह से रिपेयर करने की जरूरत है. जब तक रिपेयर का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक स्टेशन बंद रहेगा. इसीलिए फिलहाल शहीद खुदीराम से दक्षिणेश्वर तक मेट्रो सेवा उपलब्ध है.
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