राज्य में तार्किक विसंगति श्रेणी के तहत पहचाने गये मतदाताओं के दस्तावेजों के न्यायिक निर्णय की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस बीच भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे चार जिलों में नियुक्त न्यायिक अधिकारियों ने विशेष सुरक्षा की मांग की है.
राज्य में तार्किक विसंगति श्रेणी के तहत पहचाने गये मतदाताओं के दस्तावेजों के न्यायिक निर्णय की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इस बीच भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे चार जिलों में नियुक्त न्यायिक अधिकारियों ने विशेष सुरक्षा की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार न्यायिक निर्णय की प्रक्रिया शुरू की गयी है. न्यायिक अधिकारियों ने मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिले में विशेष सुरक्षा की मांग की है. इन सभी जिलों की सीमा बांग्लादेश से लगती है, जबकि दक्षिण 24 परगना की सीमा मुख्यत: तटीय क्षेत्र है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आयोग ने इन न्यायिक अधिकारियों की आशंकाओं का संज्ञान लिया है, जिसके बाद राज्य पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. ””तार्किक विसंगतियां”” की श्रेणी के अंतर्गत चिह्नित 50 लाख मतदाता दस्तावेजों में से सबसे ज्यादा मुर्शिदाबाद जिले में हैं. हालांकि आयोग ने अभी तक सटीक आंकड़ा जारी नहीं किया है. न्यायिक अधिकारी कलकत्ता हाइकोर्ट को निर्णय प्रक्रिया की स्थिति पर दैनिक प्रगति रिपोर्ट भी पेश करेंगे. उल्लेखनीय है कि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होगी.
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