जेयू : कुलपति ने की शांति और सौहार्द्र बनाये रखने की अपील

जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में चल रहे हिजाब विवाद को लेकर वाइस चांसलर चिरंजीव भट्टाचार्य ने यूनिवर्सिटी के सभी स्टेकहोल्डर्स से शांति, प्रेम और आपसी सौहार्द्र बनाये रखने की अपील की.

संवाददाता, कोलकाताजादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में चल रहे हिजाब विवाद को लेकर वाइस चांसलर चिरंजीव भट्टाचार्य ने यूनिवर्सिटी के सभी स्टेकहोल्डर्स से शांति, प्रेम और आपसी सौहार्द्र बनाये रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि जेयू की परंपरा आपसी मेलजोल और विविधता के सम्मान की रही है और सभी को इसे बनाये रखने की अपनी प्रतिबद्धता फिर से मजबूत करनी चाहिए.

वीसी ने अपने संदेश में लिखा कि सीखने, तर्क और जनसेवा के आदर्शों पर बनी जादवपुर यूनिवर्सिटी लंबे समय से विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं, विश्वासों और विचारों के संगम की जगह रही है. उन्होंने यूनिवर्सिटी समुदाय के प्रत्येक सदस्य से संवाद, सहानुभूति और संयम के साथ मतभेदों को सुलझाने की अपील की. साथ ही उन्होंने हर तरह के भेदभाव, उकसावे और गलत जानकारी को खारिज करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि अकादमिक स्वतंत्रता आपसी सम्मान के वातावरण में ही फलती-फूलती है.

गौरतलब है कि 24 दिसंबर को जादवपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दौरान अंग्रेजी विभाग के कुछ छात्रों ने मंच पर चढ़कर प्रदर्शन किया था. उनके हाथों में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था कि जेयू में इस्लामोफोबिया के लिए कोई जगह नहीं है. यह प्रदर्शन यूजी थर्ड ईयर की दो छात्राओं को एक प्रोफेसर द्वारा कथित तौर पर चीटिंग के संदेह में हिजाब उतारने के लिए कहे जाने के विरोध में किया गया था.

इस घटना को लेकर एक जांच पैनल का गठन किया गया है. वहीं, माइनॉरिटी कमीशन ने सुझाव दिया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित प्रोफेसर को कैंपस से दूर रखा जाये. इसी मुद्दे को लेकर यूनिवर्सिटी परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है.

माइनॉरिटी कमीशन बोला, जांच पूरी होने तक इंग्लिश विभागाध्यक्ष जेयू न जायें :

जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) में छात्रा का हिजाब हटाये जाने के मामले को लेकर विवाद बढ़ गया है. पश्चिम बंगाल माइनॉरिटीज कमीशन ने दौरे के बाद कहा है कि जब तक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं देती, इंग्लिश विभागाध्यक्ष सरस्वती हाल्दार को यूनिवर्सिटी कैंपस में नहीं आना चाहिए.कमीशन की सात सदस्यीय टीम ने वाइस चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य, प्रो वाइस चांसलर अमिताभ दत्ता और रजिस्ट्रार सलीम मंडल से मुलाकात कर यूनिवर्सिटी द्वारा उठाये गये कदमों की जानकारी मांगी.

पैनल ने कहा कि विभागाध्यक्ष के आने से जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए उन्हें अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. कमीशन ने स्टूडेंट और उसके परिवार से भी बात की और कहा कि उन्हें काउंसेलिंग की आवश्यकता है, क्योंकि वे बहुत डरे हुए हैं.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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