संवाददाता, कोलकातासुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार झारखंड और ओडिशा के 200 न्यायिक अधिकारी शनिवार तक पश्चिम बंगाल पहुंच जायेंगे और नौ मार्च से भारतीय चुनाव आयोग (इसीआइ) द्वारा तार्किक विसंगति श्रेणी के तहत पहचाने गये मतदाताओं के दस्तावेजों के न्यायिक निर्णय की चल रही प्रक्रिया में शामिल होंगे. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि वे शनिवार व रविवार को न्यायिक निर्णय प्रक्रिया पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में रहेंगे. इसके बाद सोमवार से वे राज्य के मौजूदा न्यायिक अधिकारियों की टीम में शामिल हो जायेंगे, जो पहले से ही चल रही न्यायिक निर्णय प्रक्रिया में लगे हुए हैं.
न्यायिक अधिकारियों की कुल संख्या अब बढ़कर हो जायेगी 732
मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि झारखंड और ओडिशा से 200 न्यायिक अधिकारियों के शामिल होने से न्याय प्रक्रिया में शामिल न्यायिक अधिकारियों की कुल संख्या अब बढ़कर 732 हो जायेगी.
कहां होगी न्यायिक अधिकािरयों के ठहने की व्यवस्था
बताया गया है कि इन न्यायिक अधिकारियों के रहने की व्यवस्था मुख्य रूप से कोलकाता हवाई अड्डे और महानगर के साथ ही संबंधित जिले के शहरों में स्थित महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के नजदीक की गयी है.
10 को शीर्ष अदालत में होगी मामले की अगली सुनवाई
10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में एसआइआर और संबंधित न्यायिक निर्णय पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित है. राज्य में न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गये मामलों को छोड़ कर अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गयी थी. सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेश के अनुसार पूरक सूची उचित समय पर प्रकाशित की जायेगी. सीइओ कार्यालय से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार न्यायिक निर्णय के लिए 60 लाख से अधिक मामले भेजे गये थे और अब तक लगभग 7.5 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच पूरी हो चुकी है.
