कबीर ने दिया शोकॉज जवाब, पर माफी मांगने से इंकार

यह पहली दफा नहीं है, जब अपने भड़काऊ बयानबाजी को लेकर तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर विवादों में घिरे हैं. इस बार भी भड़काऊ बयान देने के कारण पार्टी की ओर से उन्हें शोकॉज किया गया था. सूत्रों के अनुसार, कबीर ने पार्टी के शोकॉज का जवाब जरूर दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगे.

कोलकाता.

यह पहली दफा नहीं है, जब अपने भड़काऊ बयानबाजी को लेकर तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर विवादों में घिरे हैं. इस बार भी भड़काऊ बयान देने के कारण पार्टी की ओर से उन्हें शोकॉज किया गया था. सूत्रों के अनुसार, कबीर ने पार्टी के शोकॉज का जवाब जरूर दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगे. उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन किया है. कबीर ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके लिए उनकी “जाति” पार्टी से बढ़ कर है. गौरतलब है कि गत शुक्रवार को तृणमूल ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसमें 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया था. कबीर ने पहले सोमवार तक का समय मांगा था, लेकिन शनिवार सुबह ही उन्होंने अपना जवाब तृणमूल की अनुशासन समिति के चेयरमैन व संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय को भेज दिया.

कबीर पर आरोप है कि उन्होंने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की कुछ टिप्पणियों के जवाब में उग्र और भड़काऊ बयान दिया था. उनके बयान को लेकर तृणमूल ने उनसे सफाई मांगी. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर तृणमूल की ओर से कबीर को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था. बताया जा रहा है कि तृणमूल के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार रात उन्हें फोन भी किया, तब कबीर ने सोमवार तक का समय मांगा था, लेकिन शनिवार सुबह उन्होंने अपना जवाब पीडीएफ फॉर्मेट में व्हाट्सएप के जरिए भेज दिया. पत्रकारों से बातचीत में कबीर ने कहा कि उन्हें एक पन्ने का कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, लेकिन उन्होंने उसका दो पन्नों में जवाब दिया है. उन्होंने कहा : इससे पहले भी मुझे एक पन्ने का नोटिस भेजा गया था और मैंने उसका तीन पन्नों में जवाब दिया था. मैंने साफ कर दिया कि मेरे लिए पार्टी से पहले मेरी जाति आती है. कबीर ने बताया कि उनके करीब 10.29 मिनटों के बयान में से सिर्फ 31 सेकेंड का एक वीडियो क्लिप (जिसकी सत्यता की पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता) को लेकर पार्टी ने उनसे सफाई मांगी. उन्होंने कहा : मुझे केवल सात लाइनों में जवाब देने को कहा गया कि मेरे 31 सेकेंड के बयान से पार्टी की छवि खराब हुई है, लेकिन मैं नहीं मानता कि मैंने कोई अनुशासन तोड़ा है. मैंने किस संदर्भ में बयान दिया, क्यों दिया, इसकी पूरी जानकारी अपने जवाब में दी है. मैं अपने रुख पर कायम हूं. मैं तृणमूल कांग्रेस का सदस्य हूं, लेकिन पार्टी से पहले मेरी ‘जाति’ और ‘मजहब’ है. अगर मेरे ‘मजहब’ को लेकर कोई कुछ कहेगा, तो मैं चुप नहीं रहूंगा. मैंने माफी नहीं मांगी और आगे भी नहीं मांगूंगा.

पार्टी लेगी आगे का फैसला : शोभनदेब

पार्टी के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कबीर के जवाब को स्वीकार करते हुए कहा : हमें पीडीएफ मिल गया है. अब इसकी हार्ड कॉपी तैयार कर अनुशासन समिति को भेजा जायेगा. उसके बाद पार्टी आगे का फैसला लेगी.

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By Bijay kumar

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