बकाया डीए का भुगतान नहीं हुआ, तो होगा बड़ा आंदोलन

चेतावनी. ज्वाइंट मूवमेंट फोरम ने राज्य बजट से पहले सीएम को लिखा पत्र

कोलकाता. पांच फरवरी को राज्य बजट पेश किये जाने से पहले ज्वाइंट मूवमेंट फोरम ने सरकार पर बकाया महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य देयों के भुगतान को लेकर दबाव बढ़ा दिया है. सोमवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में फोरम ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो वृहत्तर आंदोलन किया जायेगा. संवाददाता सम्मेलन में संगठन के सदस्य और सर्विस डॉक्टर फोरम के महासचिव डॉ सजल विश्वास ने बताया कि राज्य बजट से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र भेजा गया है. पत्र में मुख्य रूप से चार मांगें रखी गयी हैं- सभी बकाया और महंगाई भत्ते का तत्काल भुगतान, सातवें वेतन आयोग को शीघ्र लागू करना, सभी योग्य अस्थायी कर्मचारियों का स्थायीकरण, रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति, ‘डीए दान नहीं, हमारा अधिकार’. डॉ सजल विश्वास ने कहा कि महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों का अधिकार है, न कि कोई दान. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाइकोर्ट भी स्पष्ट कर चुके हैं कि डीए दान नहीं है. ऐसे में कर्मचारियों को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि जहां केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है, वहीं राज्य सरकार के कर्मचारियों को केवल 18 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है. डॉ. विश्वास ने यह भी कहा कि राज्य में करीब तीन लाख पद रिक्त हैं और योग्य अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण की तत्काल आवश्यकता है. उन्होंने मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि आगामी बजट में इन मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाये गये, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा. संवाददाता सम्मेलन में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं, जिनमें- माध्यमिक शिक्षक एवं शिक्षा कर्मी संघ (एसटीइए) के महासचिव नीलकंठ घोष, पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षक संघ (डब्ल्यूबीपीटीए) के महासचिव शमसुल आलम, बंगाल प्राथमिक शिक्षक संघ (बीपीटीए) के महासचिव आनंदबरन हांडा, नर्स यूनिटी की महासचिव भास्वती मुखर्जी, पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारी संघ (पीएसकेयू) के महासचिव शुभाशीष दास, पश्चिम बंगाल पंचायत कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनिंद्य राय चौधरी, सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव दुलाल चंद्र मंडल, राज्य सरकार पेंशनर्स महासंघ के सचिव मनोरंजन राय शामिल रहे.

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Published by: Ganesh mahto

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