हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद से सैकड़ों लोग भागे, नदी पार कर मालदा में ली शरण

मुर्शिदाबाद जिले में सांप्रदायिक हिंसा से प्रभावित सैकड़ों लोगों ने भागीरथी नदी पार कर मालदा में शरण ली है.

सूटी, धुलियान, जंगीपुर, शमशेरगंज समेत कई इलाकों में प्रदर्शन ने लिया सांप्रदायिक दंगे का रूप

संवाददाता/एजेंसियां, कोलकातामुर्शिदाबाद जिले में सांप्रदायिक हिंसा से प्रभावित सैकड़ों लोगों ने भागीरथी नदी पार कर मालदा में शरण ली है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. स्थानीय प्रशासन ने दंगा प्रभावित परिवारों के लिए आश्रय और भोजन की व्यवस्था की है और उन्हें स्कूलों में शरण दी है. साथ ही मुर्शिदाबाद से नावों से आने वालों की सहायता के लिए नदी तट पर स्वयंसेवकों को तैनात किया है. मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के सूटी, धुलियान, जंगीपुर और शमशेरगंज समेत कई इलाकों में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए, जो सांप्रदायिक हिंसा में बदल गये. इस कारण वहां से प्रभावित लोगों का पलायन शुरू हो गया.

पलायन करने वालों में अधिकतर महिलाएं : ग्राम पंचायत प्रधान

वहीं, देवनापुर-सोवापुर ग्राम पंचायत की प्रधान सुलेखा चौधरी ने बताया कि शुरू में कुछ लोग (हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद से) नावों में आ रहे थे. लेकिन शुक्रवार दोपहर से इस संख्या में वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा : शनिवार रात तक आने वाले लोगों की संख्या 500 को पार कर गयी, जिनमें से अधिकतर महिलाएं थीं. चौधरी ने बताया कि इन लोगों को इलाके के स्कूलों में आश्रय दिया गया है और उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गयी है.

स्कूलों में दी गयी शरण

वैष्णवनगर से तृणमूल कांग्रेस की विधायक चंदना सरकार ने बताया कि मुर्शिदाबाद से नावों में आने वालों की सहायता के लिए नदी किनारे 20 युवकों को तैनात किया गया है. विधायक ने बताया कि उन्हें स्कूलों में आश्रय दिया गया है और उनके लिए व्यवस्था की गयी है. मालदा में एक स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधि ने बताया कि शनिवार से अब तक धुलियान, सूटी और जंगीपुर जैसे इलाकों से दंगा प्रभावित लोगों को लेकर करीब 40-50 नावें आ चुकी हैं और कलियाचक-3 ब्लॉक के पल्लरपुर गांव में जरूरी इंतजाम किये गये हैं. उन्होंने कहा : वे यहां सुरक्षित हैं. अपने परिवार के चार अन्य सदस्यों के साथ मुर्शिदाबाद से पलायन करने वाली एक युवती ने संवाददाताओं को बताया : हम धुलियान के मंदिरपाड़ा इलाके से इसलिए भागे, क्योंकि हमारे घरों में आग लगा दी गयी थी. महिलाओं और लड़कियों के साथ बाहरी लोगों व कुछ स्थानीय लोगों के एक समूह ने छेड़छाड़ की. महिला ने दावा किया : उन्होंने बम फेंके. हमें वक्फ (संशोधन) अधिनियम के लिए दोषी ठहराया और हमें तुरंत अपने घर छोड़ने के लिए कहा. उन्होंने हमारे घर के पुरुषों को पीटा. हम अपनी जान को लेकर डरे हुए थे और केंद्रीय बलों की मदद से अपने घरों से भागे.

16 को भाजपा का शहीद दिवस

वहीं, विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा मुर्शिदाबाद में दो हिंदुओं की हत्या की याद में 16 अप्रैल को शहीद दिवस मनायेगी. लोग इस दिन काले बैज पहनेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा बंगाल में चुनाव जीतती है, तो 2026 में मृतकों की प्रतिमाएं स्थापित की जायेंगी.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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