आधी आबादी को बजट का आधा आवंटन : मुख्यमंत्री

विधानसभा में मंगलवार को वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट पेश किया.

संवाददाता, कोलकाता

विधानसभा में मंगलवार को वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट पेश किया. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट हैं. ऐसे में बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधानसभा में पत्रकारों से मुखातिब हुईं. उन्होंने केंद्रीय अवहेलना को सामने रख कर अपनी बातें रखी. उन्होंने कहा कि राज्य बजट में आधी आबादी यानी महिलाओं का पूरा ध्यान रखा गया है. पूरे बजट के आधे हिस्से का आवंटन आधी आबादी के लिए किया गया है. मुख्यमंत्री का दावा है कि केंद्र सरकार ने आवास योजना के लिए धनराशि रोक दी है. उन्होंने यह भी बताया कि ‘बांग्लार बाड़ी’ (ग्रामीण) योजना के तहत राज्य सरकार ने 2.8 मिलियन घर बनाये हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारे पास जन्म से मृत्यु तक 94 योजनाएं हैं.

लक्ष्मी भंडार योजना से हर जाति व समुदाय की महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं तक सीधे नकदी पहुंचाकर बाजार में मांग बढ़ाने के लिए कदम उठाया गया है. राज्य सरकार ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1000 रुपये नकद धनराशि उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस लक्ष्मी भंडार योजना को दूसरे भाजपा शासित राज्य भी कॉपी कर रहे हैं. उनका कहना था कि भाजपा के साथ कांग्रेस भी विभिन्न राज्यों में चुनाव जीतने के हथियार के रूप में लक्ष्मी भंडार जैसी जन कल्याण वाली योजनाएं लांच कर रही हैं. संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने व्यंग्यात्मक लहजे में दूसरे राज्यों के इस प्रयास को ‘टुकली’ (नकल) कहा. साथ ही उन्होंने बंगाल के लक्ष्मी भंडार और अन्य राज्यों की समान योजनाओं के बीच अंतर भी स्पष्ट किया.

मुख्यमंत्री ने बजट पेश करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंकड़े देते हुए कहा कि फिलहाल दो करोड़ 21 लाख महिलाएं लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ उठा रही हैं. इसके लिए सरकार ने अब तक 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किये हैं. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना पर 26 हजार 700 करोड़ खर्च किये जायेंगे. उन्होंने कहा कि पिछले दुआरे सरकार कैंप में इस योजना के लिए हजारों आवेदन आये हैं. ऐसे में अब और लाभार्थी महिलाओं के नाम इसमें जोड़े जायेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ भाजपा शासित राज्यों में चुनाव जीतने के बाद महिलाओं से संबंधित योजनाओं को बंद कर दिया गया है. सीएम ने कहा कि दूसरे राज्य में इस तरह की योजना के तहत जुड़ने वाली महिलाओं के लिए कई तरह के दिशा निर्देश हैं. पर बंगाल में एक ही परिवार के एक से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है. उनका लक्ष्मी भंडार सबके लिए है. योजना के साथ ही हर परिवार को रूपश्री, कन्याश्री, किसान भत्ते का भी लाभ मिल रहा है. इसलिए, मुख्यमंत्री का दावा है कि भाजपा-कांग्रेस चाहे लक्ष्मी भंडार की जितनी भी कॉपी कर ले, लेकिन बंगाल में तृणमूल द्वारा शुरू किया गया लक्ष्मी भंडार ‘अद्वितीय’ रहेगा.

उल्लेखनीय है कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत फिलहाल अनारक्षित वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को 12 सौ रुपये प्रति माह मिल रहा है. कई लोगों को उम्मीद थी कि इस बार बजट में इस भत्ते में बढ़ोतरी की जायेगी. लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. सीएम ने बताया कि रूपश्री योजना भी है. जिसके तहत अब तक 18 लाख 64 हजार युवतियां लाभान्वित हुईं हैं. इस योजना के लिए राज्य सरकार ने अब तक 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किये हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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